'केंद्र सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में राज्य गारंटी पॉलिसी लागू होगी', सीएम योगी ने किया ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में परियोजनाओं को सरल बनाने के लिए पारदर्शिता पर जोर दिया. कहा-150 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री स्तर पर दी जाए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में परियोजनाओं को सरल बनाने के लिए पारदर्शिता पर जोर दिया. कहा-150 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री स्तर पर दी जाए.

author-image
Mohit Saxena
New Update
Yogi adityanath

योगी आदित्यनाथ Photograph: (X/ani)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में परियोजनाओं की वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया को तेज किया है. इसे सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि कि विभागीय मंत्री स्तर से मिलने वाली स्वीकृति की सीमा, जो अभी 10 करोड़ रुपये तक है, इसे बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये तक कर दी गई है. 50 से 150 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं की मंजूरी वित्त मंत्री स्तर और 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री स्तर पर दी जाए. इससे परियोजनाओं को समय पर वित्तीय मंजूरी मिल सकेगी. इसके साथ काम भी तेजी से आगे बढ़ेंगे. 

Advertisment

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को ये निर्देश दिए हैं कि वे अपनी अपनी वार्षिक कार्ययोजना 15 अप्रैल तक हर साल  स्वीकृत करा लें. समयसीमा का पालन न करने वाले विभागों की सूची सीएम कार्यालय को भेजी जाने वाली है. उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना की लागत 15% से अधिक बढ़ोतरी होने पर विभाग कारण समेत दोबारा अनुमोदन प्राप्त करे.

वित्त विभाग की समीक्षा की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को वित्त विभाग की विस्तृत समीक्षा करने वाले थे. उन्होंने राज्य की राजकोषीय स्थिति, बजट प्रबंधन, पूंजीगत व्यय, निर्माण कार्यों की व्यवस्था, एकमुश्त प्रावधान, डिजिटल वित्तीय सुधार, कोषागार प्रक्रियाएं, पेंशन व्यवस्था और विभागीय नवाचारों पर खास चर्चा की. सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सुदृढ़, पारदर्शी और रिजल्ट ओरिएंटेड वित्तीय प्रबंधन का आदर्श राज्य स्थापित करना है. इसके लिए सभी विभाग समयबद्धता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और डिजिटल प्रक्रियाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देना होगा. उन्होंने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में राज्य गारंटी पॉलिसी लागू होगी. 

वित्तीय अनुशासन की मजबूती दर्शाते हैं

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यह तय किया जाए कि अल्प-वेतनभोगी कर्मियों, जैसे आशा बहनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय माह सही तारीख पर मिले. यह उनके बैंक खातों में पहुंच जाए. वहीं राज्य अपने मद  से मानदेय समय पर जारी कर दे. इस तरह से किसी कर्मी को देरी न हो. यह व्यवस्था शीघ्र लागू हो. बैठक  में जानकारी दी गई कि वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश का 1,10,555 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय देश में सबसे ज्यादा है. राज्य ने जितना शुद्ध लोक ऋण लिया, उससे भी अधिक राशि पूंजीगत कार्यों पर खर्च की. ये  वित्तीय अनुशासन की मजबूती दर्शाते हैं. 

UP News CM Yogi
Advertisment