'सखियों' के नाम से गोपनीय जगह, गुप्त दरवाजे का दावा; मठ में रहीं लेखिका भूमिका द्विवेदी ने बताई आंखों देखी

Shankaracharya Avimukteshwaranand: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के आरोप में केस दर्ज. लेखिका भूमिका द्विवेदी ने आश्रम को लेकर किए गंभीर दावे.

Shankaracharya Avimukteshwaranand: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के आरोप में केस दर्ज. लेखिका भूमिका द्विवेदी ने आश्रम को लेकर किए गंभीर दावे.

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Yashodhan Sharma
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Writer Bhumika Dwivedi

Writer Bhumika Dwivedi and Shankaracharya

Shankaracharya Avimukteshwaranand: वाराणसी के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में केस दर्ज किया गया है. यह मामला आशुतोष महाराज नाम के व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज हुआ है. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके एक शिष्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. दोनों पर पॉक्सो एक्ट के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं.

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लेखिका ने लगाए गंभीर आरोप

इसी बीच लेखिका भूमिका द्विवेदी ने भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं. भूमिका का कहना है कि वह साल 2022 में वाराणसी पर किताब लिखने के सिलसिले में वहां गई थीं और करीब दो महीने तक स्वामी के वाराणसी स्थित विद्यापीठ में रहीं.

आश्रम में रहते हुए दिखी चौंकाने वाली गतिविधियां 

भूमिका द्विवेदी के मुताबिक, 18 मार्च 2022 से मई 2022 तक आश्रम में रहने के दौरान उन्होंने कई ऐसी गतिविधियां देखीं, जो उन्हें असामान्य और चौंकाने वाली लगीं. उनका दावा है कि जब मठ के मैनेजर ने रजिस्टर में उनका नाम दर्ज किया तो पूछताछ का तरीका उन्हें संदिग्ध लगा. उन्होंने यह भी कहा कि आश्रम में एक महिला को खास दर्जा दिया गया था और उसके आदेश के बिना कोई बड़ा फैसला नहीं होता था.

'सखियों' के नाम से मौजूद है एक गोपनीय क्षेत्र 

भूमिका के अनुसार, आश्रम में 'सखियों' के नाम से एक अलग क्षेत्र था, जहां जाने की मनाही थी. उस हिस्से को आम लोगों से गोपनीय रखा जाता था. उनका यह भी दावा है कि वहां पढ़ने वाले बटुकों को सीमित संपर्क में रखा जाता था. उनसे बातचीत और फोटो खिंचवाने पर रोक थी. यहां तक कि उन्हें अपने माता-पिता से भी ज्यादा मिलने की अनुमति नहीं दी जाती थी.

मठ परिसर में गुप्त दरवाजे का भी दावा

लेखिका ने यह भी दावा किया है कि मठ परिसर में एक गुप्त दरवाजा है और कई गतिविधियां गोपनीय तरीके से संचालित होती हैं. उन्होंने आश्रम में संगमरमर के कमरे, कालीन, सीसीटीवी, एलईडी, लिफ्ट और पांचवीं मंजिल पर स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं होने की बात कही है.

स्वामी बनने के बाद खरीदीं 22 संपत्तियां- भूमिका द्विवेदी

भूमिका द्विवेदी का आरोप है कि शंकराचार्य बनने के बाद स्वामी ने 22 संपत्तियां खरीदीं और कथित तौर पर अपने रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियां दीं. उन्होंने बटुकों के साथ दुर्व्यवहार और शोषण का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है.

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