News Nation Logo
दिल्ली के सदर बाजार में आज आतंकी हमलों को लेकर मॉक ड्रिल की गई T20 World Cup: साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया चाहें तो गोली मरवा सकते हैं और कुछ नहीं कर सकते: लालू प्रसाद यादव के बयान पर नीतीश कुमार आर्यन खान की जमानत पर बॉम्बे हाईकोर्ट में कल फिर होगी सुनवाई बिजनेस के सिलसिले में उनसे बातचीत होती थी: हैनिक बाफना प्रभाकर ने मेरा नाम क्यों लिया मैं नहीं जानता: हैनिक बाफना भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी आर्यन खान की ओर से कर रहे हैं दलील पेश प्रभाकर को अच्छी तरह जानता हूं: हैनिक बाफना मेरे खिलाफ कोई सुबूत नहीं: हैनिक बाफना अगर सुबूत है तो प्रभाकर लाकर दिखाएं: हैनिक बाफना टीम इंडिया के मुख्य कोच पद के लिए राहुल द्रविड़ ने किया आवेदन वीवीएस लक्ष्मण के NCA में पदभार संभालने की संभावना आर्यन खान के वकील ने HC में दाखिल किया हलफनामा HC में आर्यन खान की जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू पश्चिम बंगाल में तंबाकू और निकोटिन वाले गुटखा-पान मसाला एक साल के लिए बैन कोवैक्सीन को मिल सकती है अंतरराष्ट्रीय मंजूरी, डब्ल्यूएचओ की बैठक आज उमर मलिक के बेटे पर यूपी सरकार कसेगी शिकंजा, एडमिशन के नाम पर रेस का आरोप पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कल प्रेसवार्ता कर नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं अरविंद केजरीवाल का ऐलान - यूपी में सरकार बनी तो मुफ्त में अयोध्या की तीर्थ यात्रा कराएंगे

पुलिस फोर्स को दाढ़ी रखने का संवैधानिक अधिकार नहीं, अनुशासन प्राथमिकता

सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक पुलिसकर्मी द्वारा दाढ़ी रखने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया. मालूम हो कि पुलिसकर्मी को दाढ़ी न रखने के आदेश की अवहेलना करने पर निलंबित कर दिया गया. जिसके खिलाफ उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.

News Nation Bureau | Edited By : Rajneesh Pandey | Updated on: 24 Aug 2021, 07:18:58 AM
ALLAHABAD HIGH COURT

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दाढ़ी रखने के मामले पर फैसला सुनाया (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की सिपाही की याचिका
  • याचिका में की गई थी इस्लाम के अनुसार दाढ़ी रखने की मांग
  • डीजीपी ने जारी किया था दाढ़ी न रखने का सर्कुलर

लखनऊ:

सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक पुलिसकर्मी द्वारा दाढ़ी रखने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया. मालूम हो कि पुलिसकर्मी को दाढ़ी न रखने के आदेश की अवहेलना करने की वजह से निलंबित कर दिया गया था. जिसके खिलाफ उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. कोर्ट ने कहा कि पुलिस फोर्स को अनुशासित होना ही चाहिए. साथ ही लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी होने के नाते इसकी छवि सेक्यूलर होनी चाहिए. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सोमवार को याचिका को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया. मिली जानकारी के अनुसार, डीजीपी की ओर से पुलिस फोर्स में दाढ़ी न रखने को लेकर एक सर्कुलर जारी किया गया था. अयोध्या के खंडासा में तैनात सिपाही मोहम्मद फरमान को इस आदेश का पालन नहीं करने पर निलंबित कर दिया गया था और चार्जशीट भी जारी कर दी गई थी. सिपाही फरमान ने निलंबन और चार्जशीट को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की. याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि पुलिस फोर्स में रहते हुए दाढ़ी रखना संवैधानिक अधिकार नहीं है. साथ ही कोर्ट ने डीजीपी द्वारा किये गये मोहम्मद फरमान के निलंबन और चार्जशीट में हस्तक्षेप करने से भी मना कर दिया.

यह भी पढ़े : आज से खुलेंगे यूपी के स्कूल, जानें किन कक्षाओं को मिली अनुमति

आखिर क्यों दर्ज की गई थी याचिका?

26 अक्टूबर, 2020 को डीजीपी की ओर से एक सर्कुलर जारी किया गया था. जिसके अनुसार, पुलिस फोर्स में तैनात कर्मियों को दाढ़ी रखने की अनुमति नहीं थी. मोहम्मद फरमान ने डीजीपी की ओर से जारी इस आदेश का उलंघन किया, जिसके बाद फरमान को निलंबित कर दिया गया और साथ ही उसके खिलाफ चार्जशीट भी जारी कर दी गई. इसी निलंबन और चार्जशीट को चुनौती देते हुए सिपाही मोहम्मद फरमान ने इलाहाबाद कोर्ट में याचिका दायर की थी और दाढ़ी रखने का कारण भी बताया था. इस दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद याचिका को खारिज करते हुए निलंबन और विभाग की ओर से की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया.

सिपाही ने बताया दाढ़ी रखने का कारण

याचिकाकर्ता मोहम्मद फरमान ने अपनी याचिका में कहा था कि वह संविधान की ओर से मिले धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के तहत इस्लाम के सिद्धांतों के आधार पर दाढ़ी रख रहा है. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि 26 अक्टूबर 2020 को डीजीपी की ओर से जारी सर्कुलर एक कार्यकारी आदेश है जो पुलिस में अनुशासन बनाए रखने के लिए जारी किया गया है. पुलिस फोर्स को अनुशासित होना ही चाहिए और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी होने के चलते इसकी छवि सेक्यूलर होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि अपने एसएचओ की चेतावनी के बावजूद भी याचिकाकर्ता ने दाढ़ी न कटवा कर फरमान ने उस अनुशासन को तोड़ा है.

First Published : 24 Aug 2021, 07:10:27 AM

For all the Latest States News, Uttar Pradesh News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो