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विपक्षी नेताओं ने हाथरस की पीड़िता के परिवार से मुलाकात की, UP सरकार पर निशाना साधा

हाथरस में दलित युवती के कथित बलात्कार और उसकी मौत के मामले में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को रविवार को भी कई विपक्षी दलों के नेताओं की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, जिनमें से कई नेताओं ने लड़की के परिवार से मुलाकात की.

Bhasha | Updated on: 06 Oct 2020, 01:53:15 PM
हाथरस रेप पीड़िता

हाथरस रेप पीड़िता (Photo Credit: फाइल फोटो)

दिल्ली/लखनऊ:

हाथरस में दलित युवती के कथित बलात्कार और उसकी मौत के मामले में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को रविवार को भी कई विपक्षी दलों के नेताओं की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, जिनमें से कई नेताओं ने लड़की के परिवार से मुलाकात की. समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने हाथरस जिले के गांव में जाकर पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधना जारी रखा. उनकी पार्टी ने घोषणा की कि सोमवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता देशभर में ‘सत्याग्रह’ धरना देंगे.

बसपा अध्यक्ष मायावती ने राज्य सरकार पर पीड़िता के परिवार को राहत पहुंचाने के बजाय चुप्पी साधने का आरोप लगाया. द्रमुक की महिला इकाई ने घोषणा की कि हाथरस पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए वह सांसद कनिमोई के नेतृत्व में सोमवार को चेन्नई में राजभवन की तरफ एक कैंडल मार्च निकालेगी. कनिमोई इस शाखा की प्रमुख हैं. द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों, महिलाओं और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति समुदाय की सुरक्षा पर 'उत्तर प्रदेश में प्रश्नवाचक चिह्न लगा रहता है.' सपा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने राज्य सरकार के इशारे पर उसके प्रतिनिधिमंडल को आगरा के पास एक ‘टोल प्लाजा’ पर कुछ देर के लिये रोक दिया, जब वे लोग पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे थे. सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर हाथरस में पीड़िता के गांव पहुंचा पार्टी का 11 सदस्‍यीय प्रतिनिधिमंडल पीडिता के परिवार से मिला और संवेदना प्रकट की.

पार्टी ने हिंदी में ट्वीट किया, ‘‘हाथरस की मृत बेटी को न्याय दिलाने के लिए जारी है अत्याचारी सत्ता से समाजवादियों का न्याय युद्ध. पीड़ित परिवार की हर मांग का पूर्ण समर्थन करती है सपा.’’ रालोद ने एक प्रेस वक्तव्य में आरोप लगाया कि पुलिस ने रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हाथरस जाते समय लाठीचार्ज किया. रालोद के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉक्‍टर मसूद अहमद ने इसकी निंदा करते हुए कहा, ''प्रदेश में दमनकारी नीतियों की पोषक भाजपा सरकार अपनी एनकाउंटर और लाठीबाज पुलिस द्वारा विपक्ष की आवाज दबाने की नाकाम कोशिश कर रही है. निहत्थे कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज कराया जाना सरकार की निरंकुशता का परिचायक है.'' भीम आर्मी के प्रमुख आजाद ने पीड़ित परिवार से मिलने के बाद मांग की कि इस मामले में उच्चतम न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच में समय लगेगा और न्याय की प्रक्रिया में देरी होगी.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने हाथरस मामले में पीड़ित परिवार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे जिलाधिकारी को हटाने की मांग की है. मायावती ने रविवार को ट्वीट किया, ‘‘हाथरस सामूहिक दुष्कर्म कांड के पीड़ित परिवार ने जिले के डीएम पर धमकाने आदि के कई गंभीर आरोप लगाए हैं, फिर भी उप्र सरकार की रहस्यमय चुप्पी दुःखद व अति-चिन्ताजनक है.’’ उन्होंने इसी ट्वीट में कहा, ‘‘हालांकि सरकार सीबीआई जांच के लिए राजी हुई है मगर आरोपों से घिरे जिलाधिकारी के वहां रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है? लोग आशंकित.’’ गौरतलब है कि हाथरस में पिछले दिनों एक दलित युवती से कथित रूप से सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी मौत के मामले में राज्य सरकार ने शुक्रवार को वहां के पुलिस अधीक्षक, पुलिस क्षेत्राधिकारी और इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था. इसी बीच, जिलाधिकारी प्रवीण लक्षकार का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह परिवार को कथित रूप से धमकाते हुए नजर आ रहे हैं. लिहाजा उन्हें भी हटाने की मांग जोर पकड़ रही है.

उधर उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार देर शाम हाथरस कांड की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश कर दी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर हाथरस की घटना को लेकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि 19 वर्षीय दलित लड़की के कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. केंद्र सरकार द्वारा लागू नये कृषि कानूनों के खिलाफ राहुल गांधी ने पंजाब में एक ट्रैक्टर रैली का नेतृत्व किया. बदनी कलां में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा, ‘‘मैं कल उत्तर प्रदेश में था. वहां भारत की एक बेटी को मार दिया गया और उसकी मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी. और पीड़िता के परिवार को उनके घर पर बंधक बना लिया गया.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि हाथरस के जिलाधिकारी ने लड़की के परिजनों को धमकाया . कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने हिंदी में ट्वीट किया, ‘‘हाथरस के पीड़ित परिवार के अनुसार सबसे बुरा बर्ताव डीएम का था. उन्हें कौन बचा रहा है? उन्हें अविलंब बर्खास्त कर पूरे मामले में उनकी भूमिका की जाँच हो. परिवार न्यायिक जांच माँग रहा है तब क्यों सीबीआई जांच का हल्ला करके एसआईटी की जांच जारी है.’’

First Published : 05 Oct 2020, 04:05:00 AM

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