किसानों की आय बढ़ाने की नई पहल, यूपी में चल रही ‘मिनी नंदिनी योजना’

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से एक नई और महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से एक नई और महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है.

author-image
Dheeraj Sharma
New Update
Mini nandani Yojana

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से एक नई और महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है. ‘मिनी नंदिनी योजना’ के तहत किसानों को देशी नस्ल की गायों के पालन पर 50 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान दिया जाएगा. इस योजना का मकसद खेती के साथ पशुपालन को जोड़कर किसानों को स्थायी और अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध कराना है.

Advertisment

खेती के साथ पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा

राज्य सरकार का मानना है कि केवल फसल उत्पादन पर निर्भर रहना किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है. ऐसे में पशुपालन को आय के वैकल्पिक और भरोसेमंद साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है. मिनी नंदिनी योजना इसी सोच का हिस्सा है, जिसके जरिए किसान डेयरी व्यवसाय से नियमित कमाई कर सकेंगे और आत्मनिर्भर बनेंगे.

इन गांवों के किसानों का हुआ चयन

पशुपालन विभाग द्वारा राया विकास खंड के विसावली, गोसना और तिरवाया गांवों के किसानों को योजना के पहले चरण में शामिल किया गया है. चयनित किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा, ताकि वे वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन कर सकें और बेहतर उत्पादन हासिल कर सकें.

देशी नस्ल की गायों पर खास जोर

इस योजना में साहिवाल, थारपारकर और गिर जैसी उन्नत देशी नस्ल की गायों को पालने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. इन नस्लों को अधिक दुग्ध उत्पादन, बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता और स्थानीय जलवायु के अनुकूल होने के लिए जाना जाता है. सरकार का उद्देश्य देशी गोवंश का संरक्षण और संवर्धन भी करना है.

कितनी मिलेगी सब्सिडी, क्या होगा खर्च

वेटनरी ऑफिसर कृष्णवीर सिंह के अनुसार, योजना की कुल लागत लगभग 24 लाख रुपये है. इसमें से करीब 11 लाख 80 हजार रुपये सरकार अनुदान के रूप में देगी, जो किसानों को वापस नहीं करने होंगे. शेष राशि किसानों को स्वयं निवेश करनी होगी.

10 गायों तक डेयरी खोलने का मौका

मिनी नंदिनी योजना के तहत किसान 10 गायों तक का डेयरी यूनिट स्थापित कर सकेंगे. इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और दूध बिक्री से नियमित आय होगी. साथ ही गोबर और जैविक खाद जैसे उपउत्पादों से भी अतिरिक्त कमाई की संभावना बनेगी.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल

यह योजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी. पशुपालन को प्रोत्साहन देकर सरकार गांवों में आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में एक मजबूत कदम उठा रही है.

Uttar Pradesh
Advertisment