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यूपी के विकास की इबारत लिखेगा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब

7725 करोड़ के निवेश से बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (एमएमएलएच) और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) आने वाले समय में यूपी के विकास की नई इबारत लिखेगा.

By : Nihar Saxena | Updated on: 03 Jan 2021, 02:38:53 PM
Logistic Hub

कनेक्टिविटी से पैदा होंगे अवसर और प्रशस्त होगा विकास का मार्ग. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश का ग्रेटर नोएडा जल्द ही विश्व स्तरीय मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स का हब बनने वाला है. 7725 करोड़ के निवेश से बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (एमएमएलएच) और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) आने वाले समय में यूपी के विकास की नई इबारत लिखेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में बन रहे हब में कई प्रकार की सुविधाएं होंगी. इस प्रोजेक्ट के लिए ग्रेटर नोएडा में एक नए प्राधिकरण इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ऑफ ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटी जीएनएल) का गठन किया गया है. दादरी के पास 750 एकड़ भूमि में प्रोजेक्ट को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और दोनों परियोजनाओं के लिए करीब 85 फीसदी भूमि का अधिग्रहण भी हो चुका है. उत्पादों को रखने के लिए वेयर हाउसिंग से लेकर कोल्ड स्टोरेज सहित अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी. पूरे क्षेत्र को फ्रेट विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है.

आईआईटी जीएनएल के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि ग्रेटर नोएडा अथारिटी दफ्तर से मात्र तीन किमी की दूरी पर बोड़ाकी रेलवे स्टेशन है और आने वाले समय में यहां से 15 ट्रेनें भी चलेंगी, जिससे यात्री देश में किसी भी स्थान पर जा सकेंगे. मालूम हो कि बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के न्यू भाउपुर-न्यू खुर्जा खंड तथा ईडीएफसी के संचालन नियंत्रण केंद्र का उट्घाटन किया है. ईडीएफसी के तहत चलने वाली मालगाड़ियों का रेलवे स्टेशनों पर ठहराव नहीं किया जाएगा. इसके लिए पूरी तरह से अलग रेलवे ट्रैक पर चलने व जगह-जगह लॉजिस्टिक व वेयरहाउस पर ठहरने के लिए व्यवस्था की जा रही है.

बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के पास स्थित एमएमटीएच परियोजना यात्रियों को रेल, सड़क और एमआरटीएस तक सुगम पहुंच के साथ एक परिवहन हब के रूप में काम करेगी. एमएमटीएच में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी), स्थानीय बस टर्मिनल (एलबीटी), मेट्रो, होटल और खुले हरियाली युक्त स्थलों के लिए स्थान उपलब्ध होगा. एनसीआर के उपक्षेत्र और भीड़भाड़ से युक्त दिल्ली को सेवाएं देने वाले इलाकों में तेजी से बढ़ती आबादी को विश्वस्तरीय यात्री परिवहन सुविधाएं मिलेंगी. इन परियोजनाओं से 1,00,000 लोगों के लिए रोजगार पैदा होने का अनुमान है और आसपास के इलाकों में विकास के अवसरों पर इसका सकारात्मक असर होगा.

ग्रेटर नोएडा में एमएमएलएच और एमएमटीएच परियोजनाएं ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, एनएच 91, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे, यमुना एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न एंड वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर्स के नजदीक हैं. दरअसल, लॉजिस्टिक हब के चयन के लिए सबसे जरूरी है कि ऐसी जगह हो जहां एक्सप्रेस-वे व हवाई मार्ग या बंदरगाह की व्यवस्था हो, ताकि वहां से खाद्यान व अन्य सामानों को लाने व ले जाने के लिए आसानी हो. केंद्र सरकार द्वारा ग्रेटर नोएडा में जहां यह मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब बनाया जा रहा है, वहां से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर विश्वस्तरीय व भारत का सबसे बड़ा नोएडा अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा बनाया जा रहा है. इसके जरिए उत्पादित सामानों को तत्काल देश-विदेश भेजने की सुविधा होगी. यही नहीं, प्रदेश के भीतर सड़क मार्ग के जरिए यमुना एक्सप्रेस-वे से मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब तक पहुंचने में आसानी होगी.

First Published : 03 Jan 2021, 02:38:53 PM

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