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उन्‍नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्‍या के मामले में भी कुलदीप सेंगर दोषी करार

उन्नाव रेप मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पीड़िता के पिता की हत्या मामले में भी दोषी करार दिया गया है.

News Nation Bureau | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 04 Mar 2020, 12:33:59 PM
Kuldeep Singh Sengar

कुलदीप सिंह सेंगर (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

उन्नाव रेप मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पीड़िता के पिता की हत्या मामले में भी दोषी करार दिया गया है. उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने बुधवार को अपना फैला सुना दिया. कोर्ट ने इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने कहा कि रेप पीड़िता के पिता को इतनी बुरी तरह से पीटा गया था कि मौत हो गई. मृतक के शरीर पर 18 जख्म थे. वहीं इस मामले में आरोपी कॉन्स्टेबल अमीर खान को कोर्ट ने बरी कर दिया है. एक और आरोपी शरदवीर सिंह उर्फ गुड्डू सिंह को भी कोर्ट ने बरी कर दिया है.

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खत्म हुई विधानसभा सदस्यता
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के चर्चित उन्नाव बलात्कार मामले (Unnao rape case) में भारतीय जनता पार्टी के के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है. कुलदीप सेंगर को उन्नाव रेप मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. 

गौरतलब है कि इस मामले में दिल्ली की अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को 20 दिसंबर 2019 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने जीवंत पर्यन्त आजीवन कारावास की सजा के साथ सेंगर पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. इससे पहले सेंगर को भारतीय दंड संहिता (भादंसं) के तहत दुष्कर्म और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत किसी लोकसेवक द्वारा किसी बच्ची के खिलाफ यौन हमला किए जाने के अपराध का दोषी ठहराया था.

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बता दें कि 17 जनवरी 2020 को कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से भी झटका लगा था. अदालत ने दुष्कर्म के मामले में उसे सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया था. अपनी दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ सेंगर की याचिका पर अदालत ने पीड़िता से जवाब भी मांगा था. हालांकि न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की पीठ ने सेंगर को जुर्माने की 25 लाख रुपये की राशि 60 दिन में देने की अनुमति दी, जिनमें से 10 लाख रुपये बिना किसी शर्त के पीड़िता को दिए जाएंगे.

First Published : 04 Mar 2020, 12:20:56 PM

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