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काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद मामला : सर्वे टीम का काम रुका, इन लोगों ने डाला खलल

वाराणसी के काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी समेत कई विग्रहों के सर्वे को लेकर बवाल मचा हुआ है. जब से सर्वे शुरू हुआ है, तब से विरोध प्रदर्शन जारी है. ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर 100 की संख्या में नमाजी लगातार सुबह से है

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 07 May 2022, 07:07:59 PM
Gyanvapi Masjid

काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद मामला (Photo Credit: File Photo)

नई दिल्ली:  

वाराणसी के काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी समेत कई विग्रहों के सर्वे को लेकर बवाल मचा हुआ है. जब से सर्वे शुरू हुआ है, तब से विरोध प्रदर्शन जारी है. ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर 100 की संख्या में नमाजी लगातार सुबह से हैं. पुलिस मस्जिदों से उनको निकालने में असफल रही है. इसे एलआईयू की बड़ी असफलता भी मानी जा रही है. सर्वे करने गई टीम को मस्जिद के मौजूद लोगों ने सर्वे के लिए अंदर नहीं जाने दिया.

आपको बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद में दूसरे दिन यानी रविवार को भी सर्वे नहीं हो सका. हिंदू पक्ष के वकीलों का दल सर्वे को मौके पर पहुंचा था, लेकिन उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया. इसके बाद हिंदू पक्ष के वकील काशी विश्वनाथ धाम परिसर से वापस लौट गए. हालांकि, इससे पहले सूचना आ रही थी कि सर्वे शुरू हो गया है. कहा जा रहा था कि हरिशंकर जैन और विष्णु जैन ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में एंट्री कर गए हैं. साथ ही मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर भी हो गए हुए हैं. अब ये जानकारी मिली है कि सर्वे के लिए टीम को मस्जिद में एंट्री करने से रोक दिया गया है. 

श्रृंगार गौरी दर्शन मामले की याचिकाकर्ता रेखा पाठक ने कोर्ट में सर्वे रुकने को लेकर याचिका दायर की है. इस मामले की अगली सुनवाई 9 जून को होगी और इस दिन सर्वे टीम कोर्ट के सामने अपनी शिकायत रखेगी. याचिकाकर्ता ने मुस्लिम पक्ष के लोगों और सीआरपीएफ पर गंभीर सवाल लगाए हैं. सीआरपीएफ और मुस्लिम पक्ष के लोगों ने कार्यवाही नहीं करने दी है. मस्जिद में घुसने की इजाजत नहीं होने का हवाला दे रहे थे. सौ की संख्या में मुस्लिम लोग मस्जिद के अंदर थे. 

आपको बता दें कि प्रतिवादी अंजुमन इंतजामियां मस्जिद कमेटी ने कोर्ट कमिश्नर को हटाने की मांग वाला प्रार्थना पत्र सिविल जज सीनियर डिविजन के कोर्ट में पेश किया. मुस्लिम पक्ष ने आरोप लगाया है कि कोर्ट कमिश्नर की ओर से पक्षपात किया जा रहा है. कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की अर्जी पर सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब मामले की अगली सुनवाई 9 मई को होगी. हालांकि, कोर्ट ने सर्वे रोकने के लिए कोई आदेश नहीं दिया है. कोर्ट कमिश्नर को हटाने की मुस्लिम पक्ष की अर्जी पर सुनवाई के बाद सर्वे जारी रहेगा और अभी अजय मिश्रा ही सर्वे करेंगे.

First Published : 07 May 2022, 07:07:59 PM

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