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कानपुर एनकाउंटर मामला: पकड़ा गया मास्टरमाइंड विकास दुबे, यूपी पुलिस ने की अब तक ये कार्रवाई

कानपुर में हुए एनकाउंटर कांड के बाद से ही पुलिस मुख्यी आऱोपी विकास दुबे की तलाश में जुटी थी जो आखिरकार अब खत्म हो गई है. विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया है

News Nation Bureau | Edited By : Aditi Sharma | Updated on: 09 Jul 2020, 12:28:02 PM
vikas dubey

कानपुर एनकाउंटर मामला (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:  

कानपुर में हुए एनकाउंटर कांड के बाद से ही पुलिस मुख्यी आऱोपी विकास दुबे की तलाश में जुटी थी जो आखिरकार अब खत्म हो गई है. विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया है. अब उज्जैन पुलिस विकास दुबे को यूपी पुलिस को हेंडओवर करेगी. दरअसल विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए देशभर की पुलिस अलर्ट पर भी. इससे पहले विकास जुबे को पकड़ने में जुटी यूपी पुलिस ने विकास दुबे के कई साथियों को ढेर कर दिया था जिनमें उसका भतीजा अमर दुबे भी शामिल है.

दरअसल दो/तीन जुलाई की रात को गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) के घर छापा मारने गई पुलिस टीम पर कातिलाना हमला किया गया था जिसमें 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए. इन पुलिसकर्मियों की शहादत का बदला लेने के लिए पुलिसजी तोड़ कोशिश कर रही थी. इस हत्याकांड के बाद से पुलिस की तरफ से कौन-कौन से एकश्न लिए गए, आइए जानते हैं-

विकास दुबे पर ईनामी राशि बढ़ाकर 50 हजार, 35 आरोपियों पर एफआईआर

इस मामले के बाद कार्रवाई तेज करते हुए पुलिस ने विकास दुबे पर राशि बढ़ाकर 50 हजार कर दी. इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की हत्या और हथियारों के लूट के मामले में पुलिस ने विकास दुबे सहित 35 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की. हत्या, लूट, 7 सीएलए, सरकारी कार्य में बाध्य सहित कई गंभीर धाराओं में चौबेपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई.

विकास दुबे के घर को किया ध्वस्त

शनिवार को प्रशासन की एक टीम ने बिकरू गांव पहुंचकर विकास दुबे के घर को गिराना शुरू कर दिया. गांव में सिक्योरिटी से लैस किले जैसे इस आलीशान मकान की दीवारें जेल की तरह ऊंची थी. इन पर कांटेदार तार से घेराव था. इसमें किसी के प्रवेश करने पर विकास को आहट मात्र से पता चल जाता था. उसके मकान में 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे थे. विकास ने कानपुर के अलावा कई अन्य शहरों में भी करोड़ों की जमीन कब्जा कर रखी है. उसने अरबों की संपत्ति बनाई है. एनकाउंटर के बाद पुलिस ने बीते 30 घंटों में मकान सील करके चप्पे-चप्पे की तलाशी ली तो महफूज किले जैसी सुरक्षा घेरे वाले परिसर के अंदर बने पुराने मकान में अंडरग्राउंड बंकर भी मिला. पुलिस ने मकान के हर हिस्से की बारीकी से छानबीन की और उसे ढहाकर बंकरनुमा तलघर के सिरे को भी खंगाला.


so विनय तिवारी और बीट प्रभारी KK शर्मा हुए गिरफ्तार

विकास दुबे को किसने पुलिस के आने की पहले से ही सूचना दी थी, जब इस बात की जांच की गई थी तो चौबेपुर के SO विनय तिवारी पर शक गया जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया. गैंगस्टर विकास दुबे को बचाने में चौबेपुर थाने के इंस्पेक्टर विनय तिवारी और अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के आरोप लगने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए थे. शुरुआती जांच में यह सही पाया गया. जांच में पता चला है कि थाने में तैनात कई उपनिरीक्षक, हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल हिस्ट्रीशीटर दुबे की मुखबिरी कर रहे थे. ऐसे में चौबेपुर थाने के पूर्व एसओ विनय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया . इनके साथ ही बीट प्रभारी केके शर्मा भी गिरफ्तार किए गए. इसके साथ ही मंगलवार को थाने में तैनात सभी 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया था. उनके खिलाफ विस्तृत जांच की जा रही है. उसकी रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी. विनय तिवारी पर यह भी आरोप है कि चौबेपुर थाने के एसओ विनय तिवारी के विकास से घनिष्ठ संबंध थे. आरोप है कि होली में बिकरू गांव के ही राहुल तिवारी को विकास और उसके साथियों ने जान से मारने का प्रयास किया. इसके बावजूद विनय ने FIR नहीं दर्ज की. राहुल ने सीओ देवेंद्र मिश्रा से गुहार लगाई तो उनके हस्तक्षेप के बाद केस दर्ज किया गया.


विकास दुबे के रिश्तेदार को 12 लोगों के साथ किया गिरफ्तार

इस मामले में आगे कार्रवाई करते हुए बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नेता अनुपम दुबे को रविवार को 12 अन्य लोगों के साथ सीतापुर में उस समय गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया, जब वे दो लक्जरी कारों में सवार होकर जिले में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे. उनके पास से कई हथियार भी बरामद हुए हैं. सूत्रों के अनुसार, अनुपम दुबे गैंगस्टर विकास दुबे के रिश्तेदार हैं. उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में हरदोई जिले की सवायजपुर सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था. लेकिन वह चुनाव हार गया था.

उन्नाव टोल प्लाजा पर चिपकाया गया पोस्टर

विकास दुबे को पकड़ने के लिए पोस्टर की मदद भी ली गई. नेपाल-भारत बॉर्डर के बाद अब उन्नाव टोल प्लाजा पर हिस्ट्रीशीटर का पोस्टर चिपकाया गया.

विकास दुबे की मदद करने वाले 3 लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

इस बीच पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जिनमे विकास दुबे की महिला रिश्तेदार, नौकरानी और पड़ोसी शामिल थे. पुलिस ने सभी को हमलावरों की मदद करने के आरोप में पकड़ा .उन पर आरोप है कि इन लोगों ने पुलिस की जानकारी अपराधियों तक पहुंचाई थी. पुलिस ने जिन तीन लोगों को पकड़ा है उनके नाम है सुरेश वर्मा, क्षमा और रेखा अग्निहोत्री. सुरेश वर्मा पर आरोप है कि उसने शूटआउट के दौरान बदमाशों की चिल्ला-चिल्ला कर हौसला अफजाई की. उसने कहा कि कोई बच कर ना जाने पाये. वहीं क्षमा ने पुलिस को मदद देने की बजाय उनकी खबर बदमाशों को दी. जब विकास दुबे और उसके साथियों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग पुलिसवालों पर की जा रही थी तो पुलिस वाले अपनी जान बचाने के लिए क्षमा के घर में शरण लेनी चाही, लेकिन क्षमा ने दरवाजा नहीं खोला. इसके साथ ही उसने सीढ़ी पर चढ़कर इसकी जानकारी बदमाशों को दी. वहीं विकास दुबे की नौकरानी रेखा अग्निहोत्री ने पुलिस दल के आने की सूचना बदमाशों को दी. चिल्ला-चिल्ला कर कहा कि मारों इनकों कोई बचकर ना जा सके.

5 को एनकाउंटर में मार गिराया गया

विकास दुबे की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने उसके 5 साथियों को मार गिराया था. इसमें पहले दिन पहले दिन- प्रेम प्रकाश पाण्डेय ,अतुल दुबे को ढेर किया, कल यानी बुधवार को अमर दुबे को मार गिराया. इसके बाद आज यानी गुरुवार को प्रभात मिश्रा और बउवा दुबे को भी ढेर कर दिया गया.

अमर दुबे की पत्नी और पिता को भी किया गिरफ्तार

वहीं आज यूपी पुलिस ने अमर दुबे के पिता संजय जुबे और उसकी पत्नी खुशी को गिरफ्तार किया था. इसके अलावा विकास दुबे के मामा दयाशंकर की भाभी शांति और विकास दुबे के सहयोगी जहान सिंह को भी गिरफ्तार किया गया. इन सब में सबसे अहम गिरफ्तारी खुशी की मानी जा रही ही जिसकी 10 दिन पहले ही अमर दुबे से शादी हुई थी.

First Published : 09 Jul 2020, 10:57:04 AM

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