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यूपी में सड़क के किनारे बने सभी धार्मिक स्थलों को हटाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार सड़क किनारे बने सभी धार्मिक स्थलों को हटाने को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है. उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने गुरुवार को इस मामले में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि धार्मिक जगहों के नाम पर किए गए अतिक्रमण हटाए जाएं.

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 11 Mar 2021, 09:42:45 PM
CM Yogi Adityanath

यूपी में सड़क के किनारे बने सभी धार्मिक स्थलों को हटाने के निर्देश (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • योगी सरकार सड़क किनारे बने सभी धार्मिक स्थलों को हटाने को लेकर बड़ा फैसला.
  • गृह विभाग ने गुरुवार को इस मामले में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया.
  • सड़क किनारे धार्मिक स्थलों के नाम पर किए गए अतिक्रमण हटाए जाएंगे.

 

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार सड़क किनारे बने सभी धार्मिक स्थलों को हटाने को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है. उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने गुरुवार को इस मामले में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि धार्मिक जगहों के नाम पर किए गए अतिक्रमण हटाए जाएं. यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर सड़क के किनारे बने सभी धार्मिक स्थलों को हटाने के निर्देश दिया है. सड़क किनारे धार्मिक स्थलों के नाम पर किए गए अतिक्रमण हटाए जाएंगे. इस मामले पर सभी जिलाधिकारियों से 14 मार्च तक रिपोर्ट तलब की गई है, जिसमें जिले के अधिकारियों को ये बताना होगा कि आदेश के बाद कितने सार्वजनिक स्थलों को धार्मिक अतिक्रमण से खाली करवाया गया.

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शासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक सड़कों( राजमार्गों सहित)गलियों, फुटपाथों, सड़क के किनारों, लेन आदि पर धार्मिक प्रकृति की कोई संरचना/ निर्माण की अनुमति कदापि न दी जाए यदि इस प्रकार की कोई संरचना/निर्माण दिनांक 1 जनवरी 2011 अथवा उसके बाद किया गया हो तो उसे तत्काल हटा दिया जाए. शासन द्वारा यह निर्देश भी दिए गए हैं कि इसकी अनुपालन आख्या संबंधित जिलों के जिला अधिकारियों द्वारा संबंधित प्रमुख सचिव/ सचिव को प्रस्तुत की जाएगी तथा वह एक विस्तृत आख्या अगले 2 माह मे मुख्य सचिव को प्रस्तुत करेंगे .     
 

शासन द्वारा यह निर्देश मा0 उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में जारी किए गए हैं. प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर व लखनऊ, समस्त परीक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/उपमहानिरीक्षक, समस्त जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/ पुलिस अधीक्षक को जारी निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि कोई भी धार्मिक संरचना/अतिक्रमण सार्वजनिक सड़क (राजमार्गों सहित), गलियों, फुटपाथों, सड़क के किनारों, लेन आदि पर दिनांक 1 जनवरी 2011 से पहले किया गया हो तो, उसे योजना बनाकर संबंधित धार्मिक संरचना के अनुयायियों अथवा इसके प्रबंधन के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों द्वारा प्रस्तावित निजी भूमि (जो उनके समुदाय की होगी)पर 6 माह के भीतर स्थानांतरित कर दिया जाएगा अथवा उसे हटा दिया जाएगा. इसकी अनुपालन आख्या भी शासन को प्रस्तुत की जाएगी.

 
निर्देशों के अनुसार दिनांक 10.06. 2016 या उसके बाद संबंधित तहसीलो/जिलों के जिलाधिकारियों/ उप जिलाधिकारियों तथा  क्षेत्राधिकारियों, पुलिस अधीक्षक/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा जिले के संबंधित अधिकारी, जो सड़कों (राजमार्गों सहित) अनुरक्षण के लिए जिम्मेदार हैं उनको यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि सार्वजनिक सड़कों (राजमार्गों सहित) गलियों, फुटपाथों, लेन आदि पर किसी भी धर्म संप्रदाय जाति वर्ग आदि से संबंधित कोई धार्मिक संरचना /निर्माण कर के अतिक्रमण ना किया जाए. निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि इसमें कोई विचलन अथवा अवज्ञा होती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे इन आदेशों की अवज्ञा जानबूझकर उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना होगी, जो आपराधिक अवमानना मानी जाएगी.

शासनादेश में कहा गया है कि यह सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाई जाए कि सार्वजनिक सड़कों (राजमार्गों सहित) गलियों, फुटपाथों व लेन आदि पर धार्मिक गतिविधियों के कारण निर्वाद यातायात अथवा जनता के आवागमन में कोई बाधा उत्पन्न न हो और ऐसी गतिविधियां अनिवार्य रूप से संबंधित धार्मिक वर्गों के लिए चिन्हित स्थानों अथवा निजी स्थानों पर ही की जाए.            

 

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First Published : 11 Mar 2021, 08:29:15 PM

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