UP में बनेगा देश का सबसे बड़ा AI डेटा हब, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

उत्तर प्रदेश सरकार और एएम ग्रीन ग्रुप के बीच एक ऐतिहासिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं. इस समझौते के तहत ग्रेटर नोएडा में एक गीगावॉट क्षमता का अत्याधुनिक कंप्यूट डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा

उत्तर प्रदेश सरकार और एएम ग्रीन ग्रुप के बीच एक ऐतिहासिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं. इस समझौते के तहत ग्रेटर नोएडा में एक गीगावॉट क्षमता का अत्याधुनिक कंप्यूट डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा

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Dheeraj Sharma
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UP AI Deta Hub

उत्तर प्रदेश लगातार विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है. सीएम योगी ने कई ऐसी योजनाओं का संचालन किया है जो हर वर्ग को लाभान्वित करें. इसी कड़ी में रोजगार को लेकर भी कई तरह के निवेश किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में अब विश्व आर्थिक मंच (WEF) की दावोस बैठक में उत्तर प्रदेश को निवेश के मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लगी है. उत्तर प्रदेश सरकार और एएम ग्रीन ग्रुप के बीच एक ऐतिहासिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं. इस समझौते के तहत ग्रेटर नोएडा में एक गीगावॉट क्षमता का अत्याधुनिक कंप्यूट डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्कलोड्स को सेवाएं प्रदान करेगा. इसे प्रदेश को डेटा सेंटर और एआई हब बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है.

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25 अरब डॉलर का मेगा निवेश

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 25 अरब अमेरिकी डॉलर, यानी करीब 2.25 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. यह निवेश न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत में अब तक के सबसे बड़े डेटा सेंटर निवेशों में शामिल होगा. यह परियोजना भारत सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप मानी जा रही है, जिसमें डिजिटल इकोनॉमी और अत्याधुनिक तकनीक को विकास का आधार बनाया गया है.

चरणबद्ध तरीके से होगा विकास

एएम ग्रीन ग्रुप का यह एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब चरणों में विकसित किया जाएगा. परियोजना की पहली चरण की क्षमता 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है, जबकि 2030 तक पूरे एक गीगावॉट क्षमता के साथ इसे पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद यह केंद्र वैश्विक स्तर पर एआई कंप्यूटिंग की बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा.

एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को मिलेगा बढ़ावा

इस मेगा डेटा सेंटर में करीब 5 लाख अत्याधुनिक हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स लगाए जाएंगे. ये चिपसेट्स हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), मशीन लर्निंग और एडवांस्ड एआई एप्लिकेशंस को गति देंगे. यह सुविधा न केवल अंतरराष्ट्रीय हाइपरस्केल कंपनियों और रिसर्च लैब्स को सपोर्ट करेगी, बल्कि भारत की सॉवरेन एआई पहल को भी मजबूत बनाएगी. साथ ही, भारतीय डेवलपर्स को भी चिपसेट्स तक पहुंच मिलेगी, जिससे देश में एआई आधारित सॉल्यूशंस का इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो सकेगा.

ग्रीन एनर्जी और सतत विकास पर जोर

इस डेटा सेंटर को पूरी तरह 24x7 कार्बन-फ्री ग्रीन एनर्जी पर संचालित किया जाएगा. इसके लिए पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पंप्ड स्टोरेज जैसी स्वच्छ तकनीकों का इस्तेमाल होगा. इससे योगी सरकार की हरित ऊर्जा और सतत विकास नीति को नई मजबूती मिलेगी.

यूपी क्यों बना निवेशकों की पहली पसंद

प्रदेश सरकार की डेटा सेंटर पॉलिसी, मजबूत औद्योगिक कॉरिडोर, बेहतरीन सड़क और डिजिटल कनेक्टिविटी तथा निवेशक-अनुकूल माहौल ने एएम ग्रीन ग्रुप को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित किया. यह परियोजना न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक डिजिटल और एआई मैप पर एक मजबूत पहचान भी दिलाएगी.

Uttar Pradesh
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