आयुष्मान भारत योजना का नहीं है कार्ड तो चिंता नहीं, यूपी सरकार फिर देगी 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, जानें कैसे

तेजी से बढ़ते अस्पताल खर्च और महंगे इलाज के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत दी है. अब गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए आयुष्मान भारत कार्ड होना अनिवार्य नहीं है.

तेजी से बढ़ते अस्पताल खर्च और महंगे इलाज के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत दी है. अब गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए आयुष्मान भारत कार्ड होना अनिवार्य नहीं है.

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Dheeraj Sharma
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तेजी से बढ़ते अस्पताल खर्च और महंगे इलाज के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत दी है. अब गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए आयुष्मान भारत कार्ड होना अनिवार्य नहीं है. मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बीमारी के कारण किसी परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े.

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क्या है मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना

मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक राज्य स्तरीय स्वास्थ्य बीमा योजना है. इसे विशेष रूप से उन लोगों के लिए लागू किया गया है, जो किसी कारणवश आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दायरे में नहीं आ पाए थे. इस योजना में 25 हजार से अधिक बीमारियों और इलाज की प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है, ताकि गंभीर से गंभीर बीमारी में भी मरीज को इलाज से वंचित न होना पड़े.

गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें महंगे और जटिल इलाज भी पूरी तरह मुफ्त हैं. दिल की बीमारियों में बाईपास सर्जरी और एंजियोप्लास्टी, किडनी ट्रांसप्लांट, कैंसर की कीमोथेरेपी और रेडिएशन, न्यूरोसर्जरी, ब्रेन ट्यूमर का इलाज, मैटरनिटी और सुरक्षित डिलीवरी जैसी सेवाएं इसमें शामिल हैं. कुल मिलाकर 1500 से ज्यादा मेडिकल पैकेज इस योजना के तहत कवर किए जाते हैं, जिससे मरीज को अस्पताल में भर्ती से लेकर इलाज तक एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ता.

कौन उठा सकता है योजना का लाभ

मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ वही व्यक्ति ले सकता है, जो उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो. इसके अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिक, वे बीपीएल परिवार जो SECC 2011 की सूची में शामिल नहीं हो सके, असहाय और निराश्रित बुजुर्ग, साथ ही दिव्यांगजन शामिल किए गए हैं. सरकार का उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर वर्ग को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है.

आसान आवेदन प्रक्रिया और गोल्डन कार्ड

इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है. इच्छुक लाभार्थी ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से या फिर नजदीकी जन सुविधा केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. जरूरी दस्तावेज सत्यापन के बाद पात्र लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किया जाता है. इसी कार्ड के माध्यम से सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त, कैशलेस इलाज संभव हो पाता है.

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