UP News: यहां 20 साल बाद दिखा आंदोलन का असर, मिली नई रेल लाइन को मंजूरी

UP News: हरदोई–गुरसहायगंज वाया सांडी नई रेलवे लाइन को 20 साल के आंदोलन के बाद मंजूरी मिली, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी. साथ ही आवागमन भी आसान होगा.

UP News: हरदोई–गुरसहायगंज वाया सांडी नई रेलवे लाइन को 20 साल के आंदोलन के बाद मंजूरी मिली, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी. साथ ही आवागमन भी आसान होगा.

author-image
Yashodhan Sharma
New Update
UP new railway line project

सांकेतिक तस्वीर

UP News: उत्तर प्रदेश में हरदोई से गुरसहायगंज (कन्नौज) होते हुए सांडी वाया प्रस्तावित नई रेलवे लाइन परियोजना को आखिरकार केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है. करीब 1302 करोड़ रुपये के बजट से बनने वाली इस रेल लाइन से हरदोई और कन्नौज जिले सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे. इससे क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

Advertisment

पिछले 20 वर्षों थी जनता की मांग

यह रेल परियोजना पिछले करीब 20 वर्षों से जनता की मांग रही है. इसके लिए ‘सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति’ लगातार आंदोलन करती रही. कस्बा स्तर से लेकर लखनऊ और दिल्ली के जंतर-मंतर तक धरना-प्रदर्शन हुए. हजारों की संख्या में ज्ञापन प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्रालय को भेजे गए. लंबे संघर्ष और जनदबाव के बाद अब जाकर इस परियोजना को हरी झंडी मिली है.

रेल मंत्रालय ने 1302 करोड़ रुपये का बजट किया प्रस्तावित

परियोजना की शुरुआती लंबाई पहले 59.30 किलोमीटर तय की गई थी, लेकिन वर्ष 2023 में इसे बढ़ाकर 63.70 किलोमीटर कर दिया गया. इसके साथ ही परियोजना की अनुमानित लागत भी बढ़कर 1481 करोड़ रुपये हो गई, जिसे फाइनल परियोजना रिपोर्ट में शामिल किया गया है. हालांकि, रेल मंत्रालय की ओर से 1302 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है.

कितनी अहम है ये रेल लाइन

इस रेल लाइन को उत्तर रेलवे की पिंक बुक में वर्ष 2019-20 से लगातार शामिल किया जाता रहा है. 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के रेल बजट में भी इसे प्राथमिक परियोजना के रूप में दर्ज किया गया, जिससे इसकी अहमियत साफ झलकती है.

2021 में ड्रोन से हुआ था फाइनल सर्वे

वर्ष 2021 में दिल्ली की ट्रांसलिक कंपनी द्वारा ड्रोन से फाइनल सर्वे कराया गया था. इसके लिए रेलवे बोर्ड ने 74 लाख रुपये की राशि जारी की थी. जनवरी 2022 में हरदोई से गुरसहायगंज तक कई गांवों में सीमांकन पोल लगाकर रेल रूट का निर्धारण भी पूरा कर लिया गया.

ये नए स्टेशन प्रस्तावित

इस रेल लाइन पर हरदोई करना, हरदोई ब्लॉक हट, कुतवापुर, पिंडारी, सांडी, भदार, सिया, चचासांडा और गुरसहायगंज जैसे नए स्टेशन प्रस्तावित हैं. इन स्टेशनों के बनने से ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा और स्थानीय व्यापार व रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

क्या बोले समिति के अध्यक्ष

सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. पंकज त्रिवेदी ने बताया कि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार सर्वे में परियोजना की लंबाई और लागत बढ़ाई गई है. मंजूरी मिलने के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि यह बहुप्रतीक्षित रेल लाइन जल्द ही धरातल पर उतरेगी.

यह भी पढ़ें: रेलवे की थाली में हलाला बनाम झटका विवाद, NHRC का एक्शन; FSSAI और संस्कृति मंत्रालय को नोटिस जारी

UP Hardoi
Advertisment