शंकराचार्य विवाद के बीच GST डिप्टी कमिश्नर ने दिया इस्तीफा, सीएम योगी के समर्थन में छोड़ा पद

अयोध्या संभाग में तैनात जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस कदम ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है.

अयोध्या संभाग में तैनात जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस कदम ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है.

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Dheeraj Sharma
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GST Deputy Com resigns


अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में एक अहम प्रशासनिक फैसला सामने आया है. राज्यकर विभाग, अयोध्या संभाग में तैनात जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस कदम ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है.

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सीएम के समर्थन में लिया गया फैसला

प्रशांत कुमार सिंह ने दो पन्नों का अपना इस्तीफा सीधे राज्यपाल को भेजा है. उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह निर्णय उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में लिया है. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणी से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और उन्होंने नैतिक आधार पर पद छोड़ने का फैसला किया.

पत्र में क्या लिखा गया

इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि वे राष्ट्रहित, सुशासन और मजबूत नेतृत्व में आस्था रखते हैं. उनके अनुसार, योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व उत्तर प्रदेश के लिए परिवर्तनकारी रहा है और ऐसे नेतृत्व के खिलाफ की गई टिप्पणी उन्हें स्वीकार नहीं है.

प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज

जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी का इस तरह सार्वजनिक रूप से पद छोड़ना असामान्य माना जा रहा है. इसे लेकर अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है. फिलहाल राज्य सरकार या विभाग की ओर से इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है.

क्या बोले प्रशांत कुमार

अयोध्या के जीएसटी आयुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे पर कहा, "सरकार के समर्थन में और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विरोध करते हुए मैंने इस्तीफा दिया है. बीते दो दिनों से मैं हमारे सीएम और प्रधानमंत्री के खिलाफ उनके निराधार आरोपों से बहुत आहत था. इस सरकार से मुझे वेतन मिलता है, उसके प्रति मेरी कुछ नैतिक जिम्मेदारियां भी हैं. जब मैंने देखा कि मेरे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का अपमान किया जा रहा है, तो मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा पत्र भेज दिया."

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