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Malihabad Mango Tree( Photo Credit : News Nation)
लखनऊ के मलिहाबाद की दशहरी आम की मिठास की चर्चा दुनिया भर में होती है. इस दशहरी आम की उत्पत्ति और उसके मदर ट्री की कहानी भी कम रोचक नहीं है. यह दशहरी आम कब आया कहाँ से आया और कितने साल पहले आया इसकी कहानी काफी रोचक है. पर्यावरण दिवस पर 300 साल पुराना दसहरी पेड़ एक पाठ भी सिखाता है कि पेड़ का महत्व क्या होता है और पेड़ किसी के जाने के बाद भी उसकी पहचान बनाए रखता है. इस पेड़ की कहानी अद्भुत है और यह पेड़ पर्यावरण के रिश्ते और महत्व का भी अनोखी मिसाल है. लखनऊ के मलिहाबाद दशहरी आम बेल्ट का जनक है. यह पेड़ 2 लाख 60 हज़ार हैक्टर क्षेत्र में फैला है. इसकी कलमी दशहरी 60 फीसदी इसी पेड़ से है.
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स्थानीय लोग इस दशहरी पेड़ को विश्व का सबसे पुराना पेड़ कहते हैं. लोगों ने कहा कि यह 300 साल से ज्यादा पुराना पेड़ है. यूपी सरकार ने इस पेड़ के रखरखाव की व्यवस्था कर रखी है. इस पेंड़ में बाड़ लगाई गई है. इस दशहरी पेड़ की देखभाल के लिए यहां 24 घंटे एक व्यक्ति रहता है. योगी सरकार में इसकी पूजा की गई है.
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि लखनऊ में आम का मेगा क्लस्टर बनेगा. यह परियोजना अगले पांच साल में पूरी होगी. सीएम ने कहा कि अब लखनऊ में मलिहाबाद और काकोरी फलपट्टी का आम देश और विदेश में 'काकोरी' नाम से जाना जाएगा.
HIGHLIGHTS
- मलिहाबाद दशहरी आम बेल्ट का है जनक
- 300 साल से ज्यादा पुराना है पेड़
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