Delhi-Dehradun Expressway: इस एक्सप्रेसवे से भी यूपी कई शहरों को होगा फायदा, निवेशकों की भी चांदी

Delhi-Dehradun Expressway: उत्तर प्रदेश की जनता के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं. यूपी के साथ-साथ डबल इंजन की सरकार प्रदेश की जनता और निवेशकों के लिए कई योजनाएं चला रही है.

Delhi-Dehradun Expressway: उत्तर प्रदेश की जनता के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं. यूपी के साथ-साथ डबल इंजन की सरकार प्रदेश की जनता और निवेशकों के लिए कई योजनाएं चला रही है.

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Dheeraj Sharma
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Delhi Dehradun Expressway

Delhi-Dehradun Expressway: उत्तर प्रदेश की जनता के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं. यूपी के साथ-साथ डबल इंजन की सरकार प्रदेश की जनता और निवेशकों के लिए कई योजनाएं चला रही है. सड़क विस्तारीकरण भी इसी का हिस्सा है. दिल्ली से देहरादून जाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. जल्द ही दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू होने वाला है, जिससे यह दूरी महज ढाई घंटे में तय की जा सकेगी. अब तक जहां इस रूट पर घंटों ट्रैफिक जाम झेलना पड़ता था, वहीं अब हाई-स्पीड ड्राइविंग से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी. इस एक्सप्रेसवे का बड़ा फायदा यूपी के भी कई शहरों को मिलने जा रहा है. 

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उत्तर प्रदेश को मिलेगा आर्थिक बूस्ट

  • यह एक्सप्रेसवे यूपी के उत्तरी जिलों के लिए आर्थिक गेमचेंजर साबित होगा.
  • बागपत और बरौत में व्यापार और वेयरहाउसिंग बढ़ेगी
  • शामली और सहारनपुर में उद्योगों को गति मिलेगी
  • मेरठ जैसे शहरों में ट्रैफिक घटेगा और रियल एस्टेट बूम आएगा
  • इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ेगी।

निर्माण की स्थिति और भविष्य की तस्वीर

फिलहाल ट्रायल रन शुरू हो चुके हैं और दिल्ली से बागपत तक का हिस्सा टेस्टिंग में है। पूरी परियोजना के जनवरी 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। कुछ तकनीकी और कानूनी अड़चनों के बाद अब यह प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है और भारत माला परियोजना का अहम हिस्सा बनने जा रहा है

210 किलोमीटर का आधुनिक सिक्स-लेन हाईवे

यह एक्सप्रेसवे करीब 210 किलोमीटर लंबा सिक्स-लेन हाईवे है, जिसकी शुरुआत दिल्ली के अक्षरधाम से होती है और यह सीधे देहरादून तक जाता है. इसकी डिजाइन स्पीड 100 किमी प्रति घंटा रखी गई है, जो इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करती है. करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को खास प्राथमिकता दी गई है. 

एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर

इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत है एशिया का सबसे लंबा ऊंचा वन्यजीव कॉरिडोर. यह कॉरिडोर जंगलों से गुजरने वाले हिस्सों में जानवरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा. इसके अलावा, हाथियों के लिए अलग अंडरपास और देहरादून में 340 मीटर लंबी सुरंग इसे तकनीकी रूप से बेहद खास बनाती है.

रूट, सुविधाएं और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर

यह हाईवे बागपत, बरौत, मेरठ, शामली और सहारनपुर जैसे शहरों से होकर गुजरेगा. यात्रियों की सुविधा के लिए:

- 113 अंडरपास

- 62 बस शेल्टर

- कई सर्विस रोड

साथ ही, हरिद्वार स्पर और चार धाम हाईवे से कनेक्टिविटी मिलने से तीर्थयात्रियों को भी बड़ा फायदा होगा. एक्सप्रेसवे पर सोलर पैनल्स के जरिए बिजली उत्पादन की व्यवस्था भी की गई है.

पर्यटन और विकास की नई रफ्तार

तेज कनेक्टिविटी से ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून जैसे पर्यटन स्थल आसानी से पहुंच में होंगे. होटल, रेस्टोरेंट, ई-कॉमर्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा. कुल मिलाकर, यह एक्सप्रेसवे उत्तर भारत के विकास की नई कहानी लिखने जा रहा है.

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