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धर्मांतरण केस: यूपी के IAS मोहम्मद इफ़्तिख़ारुद्दीन की एक और साजिश का खुलासा

राजस्थान के मेवात इलाके में एक बार फिर धर्मांतरण की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है और इस बार धर्मांतरण करने का विलेन निकला है उत्तर प्रदेश का सीनियर IAS मोहममद इफ़्तिख़ारुद्दीन

Lalsingh Fauzdar | Edited By : Mohit Sharma | Updated on: 01 Oct 2021, 06:50:14 PM
Conversion case

Conversion case (Photo Credit: सांकेतिक तस्वीर)

नई दिल्ली:

राजस्थान के मेवात इलाके में एक बार फिर धर्मांतरण की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है और इस बार धर्मांतरण करने का विलेन निकला है उत्तर प्रदेश का सीनियर IAS मोहममद इफ़्तिख़ारुद्दीन. यह वही IAS है जिसके धर्मांतरण करने का वीडियो सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी भूचाल मचा है. अब उसकी लपटों की आंच राजस्थान को भी जला रही हैं. भाजपा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए आईएएस के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग गहलोत सरकार से की है. "अर्थात शुद्ध अंतःकरण से स्वयं इसको पढ़कर सभी मंघड़ंत उपास्यों को त्याग कर कुरान में अवतरित रब के आदेशों अर्थात हिदायतों का अनुसरण ही कलयुग में जन्मे प्रत्येक स्त्री तथा पुरुष का एकमात्र धर्म तथा एकमात्र शुद्ध भक्ति मार्ग है, निसंदेह मोहम्मद तो तुरंत पढ़ कर आज ही अभी से ही अपने रब अर्थात पालनहार
अल्लाह की बंदगी शुरू कर दें".


यह अंश है शुद्ध भक्ति नामक पुस्तक के, जिसके लेखक उत्तर प्रदेश के सीनियर आईएएस मोहोम्मद इफ़्तिख़ारुद्दीन किस तरह अपनी शुद्ध भक्ति किताब की आड़ में मेवात क्षेत्र में साजिशन धर्मांतरण का जाल फैलाया. यूपी में सुर्खियों में आने के बाद अब राजस्थान में भी यह मुद्दा गरमाने लगा है. भाजपा ने IAS की काली करतूतों को लेकर गहलोत सरकार से ना सिर्फ आईएएस के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा है, बल्कि यह मांग भी की है मेवात क्षेत्र में इस तरह धर्मांतरण का एक बड़ा जाल फैलाया गया. अपने एजेंट तैयार किए गए और अभी भी वह एजेंट मेवात इलाके में भारी संख्या में धर्मांतरण जाए गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं. उनको
चिन्हित कर कार्रवाई करें.

बीजेपी नेता अरुण चतुर्वेदी ने गहलोत सरकार सरकार पर भी संगीन आरोप लगाते हुए कहा आखिर एक सीनियर IAS कैसे राजस्थान के मेवात इलाके में धर्मांतरण का जाल बुन रहा था. भारी संख्या में अपनी किताबों का सर्कुलेशन करवा रहा था और यहां तक कि यह भी जानकारी है यह आईएएस मेवात इलाके में कई बार आकर कई गुप्त मीटिंग कर चुका था. इसका मतलब यह है कि राजस्थान की इंटेलिजेंस और गहलोत सरकार की सरपरस्ती में धर्मांतरण जैसे मामले लगातार बढ़ते गए. भाजपा सांसद बाल बालकनाथ ने इस विषय को लेकर एक पत्र अमित शाह को भी लिखा.

राजस्थान के मेवात इलाके से कांग्रेस की विधायक साफिया जुबेर खान ने सीनियर IAS का बचाव करते हुए कहा कि अगर मेवात में किताबें बटी हैं तो इसमें बुरा क्या है. मेवात इलाका शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ज्यादा पिछड़ा हुआ है. महिलाओं की शिक्षा तो और बदतर है ऐसे में अगर किताबें अगर बांटी गई है तो क्या बुराई है.  किताब में ऐसा कुछ बुरा नहीं है मेवात इलाके में भले ही लोग कम पढ़े लिखे हो लेकिन बहुत समझदार हैं. मेवात के लोग पूरी दुनिया को चलाते हैं एक किताब पर उनको किस तरीके से काम कर रहा है. वो भली-भांति जानते हैं वही इशारों ही इशारों में साफिया खान ने यह साफ कर दिया है कि वह इस किताब और धर्मांतरण से जुड़ी घटनाओं पर अपनी बेफिक्री दिखा रही है. क्योंकि उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि बीजेपी से परेशान होकर कुछ वर्ग के लोग कहते हैं अच्छा होता हम किसी और धर्म में जन्म लेते. साफिया जुबेर खान ने IAS का बचाव करते हुए कहा मुझे नहीं लगता जो आरोप लगाए जा रहे हैं. वह सही है उत्तर प्रदेश में चुनाव है और चुनावी रंग देने का काम बीजेपी कर रही है.

हिंदूवादी संगठन मेवात को लेकर लगातार आवाज बुलंद कर रहे हैं. हिंदूवादी संगठनों का आरोप है मेवात इलाके में धर्मांतरण लव जेहाद हिंदुओं का पलायन महिलाओं के साथ अत्याचार जैसी घटनाएं लगातार हो रही है. हाल ही में अलवर से बीजेपी सांसद बाबा बालक नाथ ने देश के गृह मंत्री अमित शाह को इन्हीं घटनाओं पर एक चिट्ठी भी लिखी है और चिंता व्यक्त की है. भले ही इन आरोपों को गहलोत सरकार नकार रही है लेकिन जिस तरह यूपी में फैले धर्मांतरण के जाल में मेवात का शामिल होना दिखाई दे रहा है. इससे साफ है कि मेवात ना केवल अपराध का गढ़ है बल्कि एक बड़ी साजिश के रूप में काम कर रहा है.

First Published : 01 Oct 2021, 06:47:45 PM

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