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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर दौरे के दौरान वहां बसे भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मातृभूमि से जुड़ाव और नए भारत के निर्माण में योगदान का आह्वान किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों किलोमीटर दूर रहकर भी भारतीयों का अपनी जड़ों से लगाव देश के विकास के लिए प्रेरणा देता है.
उन्होंने प्राचीन भारतीय वाक्यांश “दुर्लभं भारते जन्म, मानुष्यं तत्र दुर्लभम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में जन्म लेना सौभाग्य की बात है और इस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिन पूर्वजों ने भारत की धरती पर जन्म लिया, उनकी विरासत आज भी प्रवासी भारतीयों को अपनी संस्कृति से जोड़े रखती है.
‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की अवधारणा पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सनातन परंपरा की ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की अवधारणा को विस्तार से समझाया. उन्होंने कहा कि आज भले ही ‘ग्लोबल विलेज’ शब्द प्रचलित हो, लेकिन पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की सोच भारत ने हजारों वर्ष पहले दुनिया को दी थी.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जैसे एक परिवार में अलग-अलग आयु, पृष्ठभूमि और आय के लोग होते हैं, वैसे ही वैश्विक समाज में विविधता है, लेकिन परिवार की तरह सहयोग और समरसता ही उसकी असली ताकत होती है. उन्होंने कहा कि भारत इसी भावना के साथ विश्व समुदाय के साथ संबंधों को आगे बढ़ा रहा है.
मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता का संदेश
सीएम ने कहा कि व्यक्ति जहां भी रहे, जिस भी देश में कार्य करे, वहां के प्रति कर्तव्य निभाना जरूरी है, लेकिन अपनी जन्मभूमि के प्रति कृतज्ञता का भाव भी बनाए रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय भारत की सांस्कृतिक विरासत के ब्रांड एंबेसडर हैं और उनकी सफलता भारत की प्रतिष्ठा को वैश्विक मंच पर मजबूत करती है.
‘नए भारत’ पर गर्व की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही राष्ट्र प्रगति करता है. उन्होंने दावा किया कि आज भारत वैश्विक मंच पर अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है.
योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपील की कि वे निवेश, तकनीक और ज्ञान के जरिए उत्तर प्रदेश और भारत के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं.सिंगापुर में यह संवाद भारतीय समुदाय और राज्य सरकार के बीच सहयोग के नए आयाम खोलने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
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