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डिप्टी CM केशव मौर्या के घर से मुस्कराते हुए निकले CM योगी, पढ़ें पूरी खबर

योगी के अलावा उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होशबोले और सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल और क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह समेत कुछ और पदाधिकारी भी मौर्य के आवास पर लंच में थे. 

Updated on: 22 Jun 2021, 10:00 PM

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश में भाजपा मिशन 2022 को लेकर मंगलवार को सियासी मंथन कर रही है. इसी बीच अचानक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य के यहां खाने पर पहुंचे. योगी के अलावा उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होशबोले और सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल और क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह समेत कुछ और पदाधिकारी भी मौर्य के आवास पर लंच में थे. बताया जा रहा है कि योगी उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के बेटे की शादी की बधाई देने के लिए पहुंचे थे. सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पहली बार उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के घर का रुख किया. हालांकि योगी इससे पहले केशव के पिता के निधन पर श्रद्धांजलि देने कौशाम्बी जा चुके हैं.

यूपी की राजनीति में योगी आदित्यनाथ का मंगलवार को केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर जाना काफी चर्चा का विषय बना है. बता दें कि बीते दिनों केशव मौर्य ने बयान दिया था कि यूपी में मुख्यमंत्री का फैसला चुनाव के बाद तय किया जाएगा, जिस पर राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था और पार्टी नेतृत्व के मुद्दे पर बंटी नजर आ रही थी. इस दौरे से योगी ने पार्टी में एकता का संदेश दिया है.

इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केशव प्रसाद मौर्य के बेटे की शादी की बधाई वाली औपचारिकता भी पूरी की. माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ का केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर जाना यूपी भाजपा तथा प्रदेश में एक जुटता का संदेश देने की कोशिश है. वहां पर मुख्यमंत्री करीब डेढ़ घंटा तक रहे. बताया जाता है कि लंबे समय से दोनों के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था. मुख्यमंत्री योगी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के घर जाने को लेकर कहा जा रहा है कि सरकार की तरफ से ऑल इज वेल का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है.

ज्ञात हो कि सोमवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर करीब साढ़े तीन घंटे तक चली भाजपा कोर कमेटी की बैठक में विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन किया गया और यह निर्णय लिया गया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार के विकास कार्यों और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से जुड़े कामों के सहारे चुनाव मैदान में उतरेगी.