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दावेदारी के साथ उम्मीदवारों की 'वफादारी' भी परखेंगे ओवैसी, AIMIM करा रही कॉन्ट्रैक्ट

यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) अभी से तैयारी करने लगे हैं. इसके लिए बाकायदा AIMIM ने अपनी तरफ से MLA  कैंडिडेट आवेदन पत्र भी जारी कर दिया है.

News Nation Bureau | Edited By : Karm Raj Mishra | Updated on: 22 Jun 2021, 09:25:34 AM
Asaduddin Owaisi

Asaduddin Owaisi (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • आवेदनकर्ताओं को 10 हजार रुपये की फीस देनी होगी
  • MLA कैंडिडेट से एक फार्म भी भरवाया जाएगा
  • यूपी पंचायत चुनाव में AIMIM को जबरदस्त कामयाबी मिली

नई दिल्ली:

पूरे देश भर में अपनी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के विस्तार की योजना में लगे असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) का फोकस उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों पर है. वह अगले साल फरवरी में होने वाले चुनावों में 100 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं. यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) अभी से तैयारी करने लगे हैं. इसके लिए बाकायदा AIMIM ने अपनी तरफ से MLA कैंडिडेट आवेदन पत्र भी जारी कर दिया है. आवेदन पत्र के साथ वफादारी का कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल किया गया है, जिसक लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.

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कॉन्ट्रैक्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि आवेदनकर्ता टिकट न मिलने की स्थिति में भी पार्टी के लिए ईमानादरी से काम करते हुए चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार करेगा. आवेदनकर्ताओं को 10 हजार रुपये की आवेदन फीस भी अदा करनी होगी, जिसे पार्टी ने आवेदन शुल्क का नाम दिया है. पार्टी का प्रयास है कि इन पैसों का इस्तेमाल यूपी चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों का प्रचार करने में काम आएगी. बता दें कि ओवैसी पहले ही तकरीबन 100 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं. 

हाल ही में हुए पंचायत चुनाव में ओवैसी की पार्टी को जबरदस्त कामयाबी हासिल हुई है. इस कामयाबी को देखते हुए उसके हौंसले बुलंद हैं, इसलिए पार्टी कम से कम 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. ओवैसी की पार्टी ने साल 2017 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में 36 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई थी. वहीं राजीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग लड़ने पर पिछड़ी, दलित और मुस्लिम जातियों का वोट ही बंटेगा. और ऐसा होने पर बीजेपी को सीधा फायदा मिलेगा.

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बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में 5 सीटें जीतने के बाद ओवैसी ने बंगाल और यूपी का विस चुनाव लड़ने की घोषणा की थी. बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में पार्टी को कोई कामयाबी हासिल नहीं हुई, लेकिन पार्टी इस बात से खुश है कि उसने बीजेपी को रोकने में कामयाबी हासिल की है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने मीडिया को बताया कि 'राज्य के सभी 75 जिलों में हमारे एक्टिव सदस्य हैं. प्रदेश की 18 प्रतिशत मुस्लिम आबादी में हमारा वोट प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है.'

First Published : 22 Jun 2021, 09:12:06 AM

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