News Nation Logo

अखिलेश यादव ने योगी से पूछा- DNA का मतलब बता दें, तो जान जाएंगे कि वह मुख्यमंत्री हैं

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सीएम विकास पर बात करना शुरू कर दें, लोगों को इससे अधिक फायदा होगा. वह एक्सप्रेस-वे की बात करते हैं, जो कि असल में समाजवादी पार्टी के शासन में बनाए गए हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 20 Feb 2021, 05:09:35 PM
Akhilesh Yadav asked Yogi

अखिलेश यादव ने सीएम योगी की भाषा पर सवाल उठाए (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • अखिलेश यादव ने सीएम की भाषा पर उठाए सवाल.
  • पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पूछा-DNA का मतलब.
  • सीएम को विकास पर बात करनी चाहिए, लोगों का भला होगा.

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश का विधानसभा सत्र चल रहा है. बीजेपी सरकार 22 फरवरी को अपना बजट पेश किया. वहीं, विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉफ्रेंस कर योगी सरकार पर कई सवाल दागे. इस दौरान पूर्व सीएम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भाषा पर सवाल उठाए. साथ ही पूछा है कि सीएम अगर डीएनए का मतलब बता देंगे तो वह जान जाएंगे कि योगी मुख्यमंत्री हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सीएम विकास पर बात करना शुरू कर दें, लोगों को इससे अधिक फायदा होगा. वह एक्सप्रेस-वे की बात करते हैं, जो कि असल में समाजवादी पार्टी के शासन में बनाए गए हैं. पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बोलते हुए, पहले उन्होंने कहा था कि यह दिवाली तक तैयार हो जाएगा. फिर कहा कि नए साल तक और अब कह रहे हैं कि अप्रैल तक. अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तंग करते हुए कहा कि कौन जानता है कि यह काम आखिर कब तक पूरा होगा. 

बता दें कि आगामी 22 फरवरी 2021 को उत्तर प्रदेश का बजट होगा. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना सदन में इस बजट को पेश करेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बजट का आकार साढ़े 5 लाख से अधिक होने का अनुमान है. बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पहली बार पेपर लेस बजट पेश करने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बजट को इस बार पुस्तिका नहीं बल्कि टेबलेट के सहारे पेश किया जाएगा. साथ ही विधायकों को आईपैड की ट्रेनिंग दी गई है.

इन सबके बीच उत्तर प्रदेश के बजट से छोटे उद्योगपतियों ने काफी उम्मीदें लगाई हैं. कारोबारियों का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Epidemic) के बाद अर्थव्यवस्था को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए एमएसएमई सेक्टर (MSME Sector) को सस्ता कर देना चाहिए और लेबर से जुड़े कानूनों में भी परिवर्तन करने की जरूरत है ताकि लागत में कमी आए. 

कारोबारियों का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना चाहिए जिससे कच्चे माल की ढुलाई और बाजार तक पहुंच आसानी से हो जाए. साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश खासतौर पर नोएडा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कस्टम के ऑफिस के साथ ड्राई पोर्ट की स्थापना होनी चाहिए. छोटे उद्योगों से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होते हैं ऐसे में हमें टैक्स में छूट मिलनी चाहिए.

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 20 Feb 2021, 04:25:50 PM

For all the Latest States News, Uttar Pradesh News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो