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अखिलेश यादव( Photo Credit : फाइल फोटो)
कन्नौज के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों को हड़काने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और डॉक्टरों को सम्मानित करने की बात करने लगे हैं. अखिलेश यादव ने ट्वीच कर रहा कि कोरोनाकाल में जिन्हें भी वायरस से पीड़ित होने के लक्षण दिखें उन्हें स्वयं जांच के लिए आगे आना चाहिए व उन डॉक्टरों का सहयोग और सम्मान करना चाहिए जो अपना जीवन दाँव पर लगाकर आपकी जान बचा रहे हैं. सरकार को भी लोगों को डराकर नहीं बल्कि विश्वास में लेकर सभी के साथ आगे बढ़ना चाहिए.
कोरोनाकाल में जिन्हें भी वायरस से पीड़ित होने के लक्षण दिखें उन्हें स्वयं जाँच के लिए आगे आना चाहिए व उन डॉक्टरों का सहयोग और सम्मान करना चाहिए जो अपना जीवन दाँव पर लगाकर आपकी जान बचा रहे हैं. सरकार को भी लोगों को डराकर नहीं बल्कि विश्वास में लेकर सभी के साथ आगे बढ़ना चाहिए.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 16, 2020
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दरअसल पिछले दिनों कन्नौज के एक सरकारी अस्पताल में पहुंचे के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इलाज कर रहे मुख्य डॉक्टर को ही आरएसएस का घोषित कर भगा दिया था.। यही नहीं अखिलेश ने डॉक्टर को यह भी कह दिया कि तुम एक बहुत छोटे कर्मचारी हो, बाहर भाग जाओ यहां से. अखिलेश यादव उन मरीजों और उनके परिजानों से मिलने पहुंचे थे, जो पिछले कन्नौज के छिबरामऊ में एक सड़क हादसे का शिकार हो गए थे. अखिलेश यादव अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से मुआवजा राशि देने की बात कर रहे थे, इसी दौरान इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर बीच में बोल पड़े. इससे अखिलेश यादव अपना आपा खो बैठे.
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अखिलेश यादव ने कहा कि, “तुम मत बोलो, तुम सरकारी आदमी हो। हम जानते हैं क्या होती है सरकार। इसलिए मत बोलो क्योंकि तुम सरकार के आदमी हो. तुम्हें नहीं बोलना चाहिए.” अब कोरोना वायरस के इलाज में डॉक्टर जिस तरह जी जान से जुटे हैं उसके बाद अखिलेश यादव के भी सुर बदल गए हैं.
Source : News State