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योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश Photograph: (X@myogiadityanath)
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की एक छात्रा ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है. भगतपुर टांडा ब्लॉक के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 8वीं कक्षा की छात्रा कल्पना को अब चार वर्षों तक सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलेगी. इस छात्रवृत्ति के तहत उसे कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक हर साल आर्थिक मदद दी जाएगी, जिससे उसकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेगी.
कल्पना को यह अवसर नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (एनएमएमएस) के तहत मिला है. इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है.
क्या है एनएमएमएस छात्रवृत्ति योजना
NMMSS केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण छात्रवृत्ति योजना है. इसका मुख्य उद्देश्य उन छात्रों की मदद करना है जो पढ़ाई में अच्छे हैं लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण आगे की पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई महसूस करते हैं.
इस योजना के माध्यम से सरकार चाहती है कि मेधावी छात्र आर्थिक अभाव के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें. खासतौर पर कक्षा 8 के बाद कई छात्र आर्थिक समस्याओं के कारण पढ़ाई छोड़ देते हैं. एनएमएमएस योजना ऐसे छात्रों को इंटरमीडिएट तक पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करती है.
कितनी मिलती है आर्थिक सहायता
इस योजना के तहत चयनित छात्रों को हर महीने 1,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है. इस प्रकार एक साल में उन्हें कुल 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है.
यह सहायता कक्षा 9 से 12 तक यानी कुल चार वर्षों तक मिलती है. इस तरह एक छात्र को पूरी अवधि में कुल 48,000 रुपये तक की मदद मिलती है. यह राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजी जाती है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और छात्र को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके.
किन छात्रों को मिलता है लाभ
यह छात्रवृत्ति खास तौर पर सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए है. इसके लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं.
सबसे पहले छात्र का कक्षा 8 में पढ़ना जरूरी है. इसके अलावा कक्षा 7 में कम से कम 55 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए यह सीमा 50 प्रतिशत रखी गई है.
इसके साथ ही छात्र के परिवार की वार्षिक आय 3.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. इन शर्तों को पूरा करने वाले छात्र इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं.
कैसे होता है चयन
एनएमएमएस छात्रवृत्ति के लिए चयन एक लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाता है. इस परीक्षा में दो मुख्य भाग होते हैं. पहला भाग मेंटल एबिलिटी टेस्ट होता है, जिसमें छात्रों की सोचने, समझने और तर्क करने की क्षमता से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं. दूसरा भाग स्कॉलास्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट होता है, जिसमें गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से जुड़े सवाल शामिल होते हैं.
इन दोनों परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मेरिट सूची में शामिल किया जाता है. इसके बाद चयनित छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाता है.
मेधावी छात्रों के लिए प्रेरणा
मुरादाबाद की छात्रा कल्पना की सफलता इस बात का उदाहरण है कि मेहनत और लगन से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं. इस तरह की योजनाएं न सिर्फ आर्थिक मदद देती हैं, बल्कि छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करती हैं.
सरकार की यह पहल हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की किरण बन रही है, जिससे वे अपनी पढ़ाई जारी रखकर भविष्य में बेहतर अवसर हासिल कर सकते हैं.
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