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गायत्री प्रजापति के घर से ED को मिले पुराने नोट और 80 बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन मामले के सिलसिले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके के कई ठिकानों पर छापेमारी करके करोड़ों की संपत्ति और पुराने नोटों का पता लगाया है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 31 Dec 2020, 11:59:42 AM
Gayatri Prajapati

गायत्री प्रजापति (Photo Credit: फाइल फोटो)

लखनऊ:

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन मामले के सिलसिले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके के कई ठिकानों पर छापेमारी करके करोड़ों की संपत्ति और पुराने नोटों का पता लगाया है. सूत्रों के मुताबिक, ईडी को काफी अहम दस्तावेज मिले हैं. जिसमें सादे स्टाम्प पेपर समेत कई चीजें मिली हैं. इसके अलावा करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज और  करीब 11 लाख के पुराने नोट भी बरामद हुए हैं.

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सूत्रों ने बताया है कि अवैध खनन के पैसे से गायत्री के बेटे ने कई शेल कंपनियां बनाईं. एक कंपनी के नाम पर लखनऊ के मोहनलालगंज में 110 बीघे जमीन खरीदी गई. जहां एक बीघा जमीन की कीमत 1 करोड़ रुपये है. इस काली कमाई से पुणे में रो हाउस खरीदे गए. सूत्रों के मूताबिक ईडी की छापेमारी में 80 संपतियों के दस्तावेज मिले हैं. बता दें कि बुधवार को पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के लखनऊ समेत 7 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी हुई थी.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन मामले के सिलसिले में गायत्री प्रजापति और उसके बेटे के ठिकानों पर लखनऊ, कानपुर और अमेठी में 7 जगह छापेमारी की. कानपुर में प्रजापति के चार्टर्ड अकाउंटेंट, अमेठी में 'बेनामी संपत्ति धारकों' और राज्य की राजधानी लखनऊ में प्रजापति के आवास तथा कार्यालय में तलाशी ली गई. ईडी, अखिलेश यादव नीत समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे प्रजापति पर अचल संपत्ति रखने के आरोपों की जांच कर रही है. ईडी की जांच प्रजापति और अन्य के खिलाफ अवैध रेत खनन मामले में पिछले साल सीबीआई द्वारा दायर दो प्राथमिकियों से संबंधित है.

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प्रजापति और राज्य के चार आईएएस अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज किया था, जिसके आधार पर ईडी ने धनशोधन का मामला दर्ज किया. सीबीआई ने इस मामले में तत्कालीन प्रधान सचिव जीवेश नंदन, विशेष सचिव संतोष कुमार और तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट अभय और विवेक के खिलाफ मामला दर्ज किया था. पूर्व मंत्री प्रजापति और अन्य पर एक महिला से बलात्कार और उसकी नाबालिग बेटी के उत्पीड़न के प्रयास का भी आरोप है. प्रजापति को 15 मार्च 2017 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. फिलहाल लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में उनका विभिन्न बीमारियों का इलाज चल रहा है. 

First Published : 31 Dec 2020, 11:59:42 AM

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