Sanwaliya Seth Mandir Donation: सांवलिया सेठ मंदिर के खजाने से निकले करोड़ों

Sanwaliya Seth Mandir Donation: इसी तरह चांदी की जेसीबी, ट्रैक्टर, मकान और यहां तक कि रिवॉल्वर भी भगवान को समर्पित की जाती है. यही वजह है कि इस मंदिर की गिनती देश के सबसे अमीर मंदिरों में होती है.

Sanwaliya Seth Mandir Donation: इसी तरह चांदी की जेसीबी, ट्रैक्टर, मकान और यहां तक कि रिवॉल्वर भी भगवान को समर्पित की जाती है. यही वजह है कि इस मंदिर की गिनती देश के सबसे अमीर मंदिरों में होती है.

author-image
Yashodhan.Sharma
New Update
Sanwaliya Seth Mandir

Sanwaliya Seth Mandir Photograph: (NN)

Sanwaliya Seth Mandir Donation: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर को "सेठों का सेठ" कहा जाता है. यह मंदिर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता बल्कि भक्तों की अनोखी आस्था और चमत्कारिक कहानियों के लिए भी प्रसिद्ध है. यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूरी होने पर भगवान को कारोबार का पार्टनर मानकर चढ़ावा अर्पित करते हैं.

चांदी का पेट्रोल पंप से लेकर जेसीबी तक अनोखा चढ़ावा

Advertisment

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां चढ़ावे का अंदाज बेहद अनूठा है. कोई किसान अपनी अच्छी फसल पर चांदी की मटर चढ़ाता है तो कोई पशुपालक चांदी की गाय अर्पित करता है. हाल ही में एक भक्त ने तो 10 किलो चांदी से बना पेट्रोल पंप मंदिर में चढ़ाया. इसी तरह चांदी की जेसीबी, ट्रैक्टर, मकान और यहां तक कि रिवॉल्वर भी भगवान को समर्पित की जाती है. यही वजह है कि इस मंदिर की गिनती देश के सबसे अमीर मंदिरों में होती है.

हर महीने करोड़ों का चढ़ावा

सांवलिया सेठ मंदिर में हर महीने भक्तों के चढ़ावे की गिनती की जाती है. केवल अगस्त 2025 में ही यहां करोड़ों रुपये नकदी और सोना-चांदी चढ़ाया गया. जून में भक्तों ने 29 करोड़ 2 लाख का चढ़ावा अर्पित किया, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड है. साल 2024 में मंदिर को कुल 150 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा मिला था. खास बात यह है कि यहां देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी भक्त डॉलर और अन्य करेंसी चढ़ाते हैं.

मंदिर का इतिहास और आस्था

कहा जाता है कि साल 1840 में भोरा गुर्जर को सपने में भगवान कृष्ण की मूर्तियों का संकेत मिला. खुदाई में तीन मूर्तियां मिलीं जिनमें से एक मंडफिया में स्थापित की गई और यही आज के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ हैं. कृष्ण की सांवली प्रतिमा और भक्तों की गहरी आस्था इस मंदिर को अद्वितीय बनाती है.

धार्मिक पर्यटन और अर्थव्यवस्था

सांवलिया सेठ मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि यहां से जुड़ी धार्मिक अर्थव्यवस्था भी उल्लेखनीय है. दान से जुटी राशि से आसपास के 25 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास कार्य किए जाते हैं. वहीं, धार्मिक पर्यटन ने इसे और खास बना दिया है. देशभर से लाखों भक्त हर महीने यहां पहुंचते हैं.

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी ने की राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में सांवलिया सेठ मंदिर में पूजा-अर्चना

Sanwaliya Seth temple Chittorgarh Rajasthan News state news state News in Hindi
Advertisment