जयपुर: उपद्रवियों के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, चौमूं में तनाव के एक हफ्ते बाद सरकार का बड़ा एक्शन

जयपुर के चौमूं में प्रशासन ने सड़क पर अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है. कुछ दिनों पहले यहां पर लोहे की रेलिंग हटाने को लेकर तनाव बढ़ गया था.

जयपुर के चौमूं में प्रशासन ने सड़क पर अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है. कुछ दिनों पहले यहां पर लोहे की रेलिंग हटाने को लेकर तनाव बढ़ गया था.

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Mohit Saxena
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bulldozer action

Photograph: (File Photo)

राजस्थान के जयपुर जिले के चौमूं में पिछले दिनों हुई हिंसा के बाद अब प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है. घटना के एक हफ्ते बाद अब यहां के अवैध निर्माण को हटाया जा रहा है. इसको बुलडोजर की मदद से ढहाया जा रहा है. सुरक्षा को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. बीते दिनों यहां मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प जैसे हालात देखे गए. पुलिस ने हालात पर काबू पाने को लेकर इंटरनेट की सेवाओं को बंद कर दिया था. प्रदर्शनकारियों की ओर से किए पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे.

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पत्थर हटाने पर सहमति बनी

प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानून के तहत हुई है. ये न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गई. आपको बता दें कि जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर मौजूद चौमूं में दिसंबर 2025 के आखिरी सप्ताह में कलंदरी मस्जिद के करीब स्टैंड क्षेत्र में लंबे समय से पड़े बड़े पत्थरों और लोहे की रेलिंग को हटाने का प्रयास किया गया. यह सड़क पर अतिक्रमण की तरह देखा जा रहा था. इनसे ट्रैफिक जाम की समस्या वर्षों से बनी थी. 25 दिसंबर की रात को मस्जिद समिति की ओर से  नगर निगम के बीच बातचीत हुई. इसमें पत्थर हटाने पर सहमति बनी.

110 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया

कानून-व्यवस्था के हालात को संभालने के लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई. इस दौरान फ्लैग मार्च निकाला गया. हिंसक भीड़ की ओर से पथराव करने के मामले में पुलिस ने 110 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया. वहीं दो दर्जन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है. प्रशासन ने 29 दिसंबर को लेकर क्षेत्र में 4 अवैध निर्माणों और 20 अवैध बूचड़खानों पर नोटिस लगाए . इसमें तीन दिन की मोहलत दी गई थी. कहा गया था कि सीढ़ियां, रैंप, प्लेटफॉर्म आदि सार्वजनिक भूमि से हटा लिया जाए, नहीं तो बुलडोजर चलाया जाएगा.

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