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Punjab News: पंजाब के छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती को दोबारा लाभदायक पेशा बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में दक्षिण कोरिया के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक में स्मार्ट खेती, आधुनिक कृषि मशीनरी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई.
छोटे किसानों के लिए खेती को लाभदायक बनाने पर जोर
बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि घटती कृषि भूमि और बढ़ती लागत के बीच किसानों की आय कैसे बढ़ाई जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है. लेकिन अब जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाने के कारण छोटे किसानों के लिए खेती लाभदायक नहीं रह गई है.
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मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि खेती में तकनीक का उपयोग समय की जरूरत है. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के पास कम जमीन होने के बावजूद वहां वर्टिकल फार्मिंग और आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. यही मॉडल पंजाब के किसानों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है. उन्होंने विशेष रूप से छोटे कृषि उपकरणों और स्मार्ट मशीनरी के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर बात की.
आधुनिक मशीनरी और बायोटेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब दक्षिण कोरिया से कृषि मशीनरी के ऑटोमेशन, स्मार्ट उपकरण, बीज तकनीक, बायोटेक्नोलॉजी, स्मार्ट कंबाइन हार्वेस्टर और ट्रांसप्लांटर जैसे क्षेत्रों में सहयोग चाहता है. उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब दुनिया के बेहतरीन अनुभवों को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है.
पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026
बैठक के दौरान 13 से 15 मार्च 2026 तक मोहाली में होने वाले प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 का भी जिक्र हुआ. मुख्यमंत्री ने कोरियाई प्रतिनिधिमंडल को इस सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया, ताकि निवेश और उद्योग से जुड़ी साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके.
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मुख्यमंत्री ने भारत और दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों ने लगभग एक ही समय आजादी हासिल की और गरीबी जैसी चुनौतियों का सामना किया. आज दोनों देश तकनीक और विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं. दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के माहौल, विरासत और संभावनाओं की सराहना की. उन्होंने कृषि क्षेत्र में सहयोग को लेकर गहरी रुचि दिखाई, जिससे भविष्य में ठोस साझेदारी की उम्मीद बढ़ गई है.
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