पंजाब में कुत्ते के काटने पर अब तुरंत और मुफ्त इलाज, 881 आम आदमी क्लीनिकों में एंटी-रेबीज टीकाकरण शुरू

Punjab News: पंजाब में कुत्ते के काटने के मामलों से निपटने के लिए सरकार ने 881 आम आदमी क्लीनिकों में मुफ्त एंटी-रेबीज टीकाकरण की सुविधा शुरू की है.

Punjab News: पंजाब में कुत्ते के काटने के मामलों से निपटने के लिए सरकार ने 881 आम आदमी क्लीनिकों में मुफ्त एंटी-रेबीज टीकाकरण की सुविधा शुरू की है.

author-image
Yashodhan Sharma
New Update
Punjab anti rabies vaccination

सांकेतिक तस्वीर

Punjab News: पंजाब में कुत्ते के काटने की घटनाएं सालों से एक बड़ी जन स्वास्थ्य समस्या बनी हुई हैं. हर साल राज्य में करीब तीन लाख मामले सामने आते हैं. कुत्ते के काटने के बाद अगर समय पर इलाज न मिले तो रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा रहता है, जो बिना इलाज के लगभग 100 प्रतिशत घातक होती है. हालांकि समय पर एंटी-रेबीज टीकाकरण से इस बीमारी को पूरी तरह रोका जा सकता है.

Advertisment

अब तक क्या था हाल

पहले केवल एंटी-रेबीज वैक्सीन केवल चुनिंदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ही उपलब्ध थी. ऐसे में पीड़ितों, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों को दूर-दराज के अस्पतालों में जाना पड़ता था. लंबी कतारें, समय की बर्बादी और काम छूटने की वजह से कई लोग पांच खुराकों वाला पूरा टीकाकरण कोर्स बीच में ही छोड़ देते थे, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती थी.

सीएम मान ने किया ये बड़ा बदलाव

अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. राज्य भर में स्थापित 881 आम आदमी क्लीनिकों में एंटी-रेबीज टीकाकरण की सुविधा शुरू कर दी गई है. इससे लोगों को उनके घर के पास ही तुरंत और मुफ्त इलाज मिल रहा है.

क्या है सरकार का लक्ष्य

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि आम आदमी क्लीनिकों में एआरवी सेवाएं शुरू होना जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम कदम है, जिससे हजारों जानें बचाई जा सकेंगी.

आम आदमी क्लीनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत रीढ़

आम आदमी क्लीनिक पहले ही पंजाब की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत रीढ़ बन चुके हैं. यहां रोजाना करीब 70 हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं और अब कुत्ते के काटने के मामलों में भी कुछ ही मिनटों में इलाज शुरू हो रहा है. पिछले चार महीनों में हर महीने औसतन 1,500 पीड़ित इन क्लीनिकों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग पूरा टीकाकरण कोर्स पूरा कर रहे हैं.

ग्रामीण इलाकों को खास राहत

इस पहल से ग्रामीण इलाकों और गरीब परिवारों को खास राहत मिली है. अब कुत्ते के काटने का मतलब डर, खर्च और देरी नहीं, बल्कि समय पर सुरक्षित इलाज है. सरकार का यह कदम पंजाब को एक सुरक्षित और स्वस्थ राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

यह भी पढ़ें: Punjab News: सीएम भगवंत सिंह मान ने स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव 2026 का किया उद्घाटन, नवाचार और उद्यमिता को मिला प्रोत्साहन

punjab CM Bhagwant Mann
Advertisment