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पंजाब के मुख्यमंत्री पूरे लॉकडाउन के पक्ष में नहीं, ढिलाई पर चेताया

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (CM Captain Amrinder Singh) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि वह पूर्ण और कठोर तालाबंदी के पक्ष में नहीं हैं, मगर उन्होंने राज्य में लगाए गए प्रतिबंधों के पालन में ढिलाई को लेकर लोगों को चेतावनी दी.

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 03 May 2021, 08:52:07 PM
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पंजाब के मुख्यमंत्री पूरे लॉकडाउन के पक्ष में नहीं, ढिलाई पर चेताया (Photo Credit: फाइल फोटो)

चंडीगढ़:

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (CM Captain Amrinder Singh) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि वह पूर्ण और कठोर तालाबंदी के पक्ष में नहीं हैं, मगर उन्होंने राज्य में लगाए गए प्रतिबंधों के पालन में ढिलाई को लेकर लोगों को चेतावनी दी और कहा कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वह लॉकडाउन लगाने के लिए मजबूर हो जाएंगे. मुख्यमंत्री कैप्टन ने कहा कि उन्होंने राज्य में सख्त तालाबंदी का आदेश देने से मना कर दिया है, क्योंकि इससे गरीबों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, प्रवासी मजदूर फिर पलायन करेंगे और उद्योगों में फिर से अराजकता आ जाएगी.

हालांकि, सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि अगर लोग प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन नहीं करते हैं, तो कोविड के बढ़ते मामलों के कारण राज्य सरकार को कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं. राज्य के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में कहा कि मौजूदा प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं.

कोविड के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने के लिए उच्चस्तरीय आभासी बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री ने सोमवार को रेस्तरांओं पर पाबंदी लगा दी, क्योंकि युवा खाने-पीने का सामान लेने के बहाने घर से निकल आते थे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेस्तरांओं को सिर्फ भोजन की होम डिलीवरी की अनुमति दी जानी चाहिए. साथ ही कहा कि खाद बेचने वाली दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाए.

पंजाब के सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को अपने पीड़ित मजदूरों के टीकाकरण और उपचार के लिए अपने सीएसआर फंड का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हल्के या मध्यम स्तर की बीमारी में लोग घर में ही रहकर इलाज कराएं, ताकि अस्पतालों पर दबाव कम हो सके.

4 महीने के लिए स्थगित होगी नीट परीक्षा, मेडिकल इंटर्न भी करेंगे कोविड ड्यूटी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मानव संसाधन की समीक्षा की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, ताकि कोरोना प्रबंधन के दौरान डॉक्टर, नर्स आदि की उपलब्धता की कमी न हो. सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मेडिकल सीटों पर दाखिले के लिए होने वाली नीट-पीजी परीक्षा को कम से कम चार महीने के लिए स्थगित करने का निर्णय हुआ.

31 अगस्त 2021 से पहले नीट परीक्षा परीक्षा नहीं होगी. बताया गया कि परीक्षार्थियों को कम से कम एक महीने पहले परीक्षा के बारे में जानकारी मिलेगी. कहा जा रहा है कि इस फैसले से इससे एक बड़ी संख्या में कोविड 19 के लिए डॉक्टर्स की उपलब्धता सुनिश्चित होगी.

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First Published : 03 May 2021, 08:52:07 PM

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