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CM Mann : (NN)
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक की. इस दौरान, उन्होंने सतलुज–यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद के समाधान पर आपसी सहमति बनाने पर जोर दिया. उन्होंने साफ किया कि पंजाब सरकार जल विवाद के मुद्दे पर प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है.
मीटिंग में क्या बोले सीएम मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के पास किसी दूसरे राज्य को देने के लिए एक्सट्रा पानी नहीं है. उन्होंने साफ कर दिया है कि पंजाब के हिस्से के पानी की एक भी बूंद शेयर करने की अनुमति वे नहीं दे सकते हैं. उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि बड़े भाई के रूप में पंजाब हरियाणा के साथ किसी भी प्रकार का टकराव नहीं चाहता है. इस वजह से पंजाब सरकार इस मुद्दे के शांतिपूर्ण ढंग से समाधान चाहती है.
सीएम मान ने कहा कि ये एक भावनात्म और संवेदनशील मुद्दा है. अगर इसे वर्तमान परिस्थितियों में लागू नहीं किया गया तो प्रदेश में कानून व्यवस्था गंभीर रूप से उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने कहा कि पंजाब में एसवाईएल नहर के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है.
हरियाणा सीएम के साथ हुई बैठक में पंजाब का पक्ष रखते हुए पंजाब सीएम ने कहा कि तीन नदियों के 34.34 मिलियन एकड़ फीट पानी से पंजाब को सिर्फ 40 प्रतिशत हिस्सा मिल रहा है. बाकी का पानी दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान को जा रहा है.
संयुक्त वर्किंग ग्रुप गठित करने का सुझाव
पंजाब के सीएम ने राज्य में बढ़ रहे जलसंकट पर चिंता जताई और कहा कि सतही जल की कमी की वजह से भूमिगत जल का अत्याधिक दोहन हो रहा है. पंजाब में सिर्फ 153 में से 115 ब्लॉत ओवर-एक्सप्लॉइटेड श्रेणी में आते हैं. सीएम मान ने दोनों राज्यों के लिए निरंतर संवाद के लिए संयुक्त वर्किंग ग्रुप गठित करने का सुझाव दिया. उन्होंने आशा जताई की इससे विवाद का स्थाई और शांतिपूर्ण समाधान निकलेगा.
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