'पंजाबियों के सामने बड़ी-बड़ी मुसीबत बौनी साबित हुई ', राज्य को नशा मुक्त बनाने पर बोले सीएम भगवंत मान

पंजाब के सीएम भगवंत मान का कहना है कि राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई आधी-अधूरी नहीं रहने वाली है.

पंजाब के सीएम भगवंत मान का कहना है कि राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई आधी-अधूरी नहीं रहने वाली है.

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Mohit Saxena
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CM Bhagwant Mann on flood

CM Bhagwant Mann

पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए सीएम भगवंत मान कई तरह के कदम उठाए हैं. उनका कहना है कि नशा लहर से खत्म होगा, कहर से खत्म नहीं होने वाला है. पंजाबियों के सामने बड़ी-बड़ी मुसीबत बौनी साबित हुई है. उनके गुरुओं ने वरदान दिया है. यहां पर कोई भूखा नहीं मरने वाला है. प्रदूषण को लेकर उन्होंने कहा कि अब पराली तो नहीं जल रही फिर दिल्ली में प्रदूषण कैसे फैल रहा है?

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लड़ाई आधी-अधूरी नहीं रहने वाली

पंजाब सरकार की नशे के विरुद्ध मुहिम पूरी सख्त के साथ लगातार आगे बढ़ रही है. सरकार ने ये साफ कर दिया दिया है कि नशे के खिलाफ इस तरह की लड़ाई आधी-अधूरी नहीं रहने वाली है. इसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा. इस कड़ी में बुधवार को जालंधर में अभियान के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत हुई है. 

नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई 

इस मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत  मान खुद मौजूद रहने वाले हैं. पहले चरण में सरकार ने नशा तस्करों ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की. पुलिस और प्रशासन ने मिलकर राज्यभर में अभियान चलाया है. इसमें हजारों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया.

1,859 किलो हेरोइन बरामद की

इस अभियान में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए. वहीं करोड़ों रुपये की ड्रग मनी भी   जब्त की गई. सरकार का कहना है कि यह मात्र शुरुआत है और आने वाले वक्त में कार्रवाई और   तेज होने वाली है. आंकड़ों की बात करें तो पहले चरण में अब तक 1,859 किलो हेरोइन बरामद की गई है. वहीं 43 हजार से अधिक नशा तस्करों को पकड़ लिया है. इस पूरे अभियान में 29,978 एफआईआर दर्ज की गई. वहीं करीब 15.32 करोड़ रुपये की ड्रग मनी को जब्त किया. 

जागरूकता अभियान चलाए गए हैं

मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में चल रही मुहिम मात्र नशा तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं होगी. सरकार का मकसद युवाओं को नशे से दूर रखना है. इसके लिए नशा मुक्ति केंद्रों को मजबूत किया जाएगा. जागरूकता अभियान चलाए गए हैं. युवाओं को रोजगार के साथ सकारात्मक दिशा देने  पर भी जोर रहेगा. 

भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है

सरकार का मनना है कि नशा पंजाब के ​भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है. अगर इसे अभी नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियां इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. ऐसे में युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान को प्रदेश में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. वहीं आज जालंधर से शुरू होने वाला दूसरा चरण इस लड़ाई को और मजबूती देगा.

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