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केरल: लव जिहाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NIA जांच का दिया आदेश

एनआई की ये जांच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज़, जस्टिस आर वी रवींद्रन की निगरानी में होगी।

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Kumar | Updated on: 16 Aug 2017, 01:26:55 PM
सुप्रीम कोर्ट ने एआईए जांच का दिया आदेश (पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने एआईए जांच का दिया आदेश (पीटीआई)

नई दिल्ली:

धर्मपरिवर्तन और 'लव जिहाद' से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एआईए को जांच करने और रिपोर्ट सौपने का आदेश जारी किया है।

बता दें कि केरल की एक 24 वर्षीय महिला अखिला उर्फ हादिया ने अपना धर्म बदलकर शफ़िन जहां नाम के एक मुस्लिम शख़्स से शादी कर ली थी। जिसके बाद 24 मई को केरल हाई कोर्ट ने इन दोनो की शादी रद्द करने का आदेश जारी किया था।

एनआई की ये जांच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज़, जस्टिस आर वी रवींद्रन की निगरानी में होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केरल पुलिस को आदेश जारी करते हुए इस केस से संबंधित सभी काग़जात एनआईए को सौंपने का आदेश जारी किया है।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर और न्यायमूर्ति डी.वाय. चंद्रचूड़ की सदस्यता वाली पीठ ने मामले में जांच का आदेश देते हुए अंतिम फैसला लेने से पहले अदालत में लड़की की पेशी की आवश्यकता बताई।

पीठ ने कहा कि अदालत एनआईए, केरल सरकार और अन्य सभी से इस मामले में विवरण लेने के बाद ही फैसला लेगी।

अदालत ने यह आदेश याचिकाकर्ता शफ़िन जहां के वकील कपिल सिब्बल के यह कहने के बाद दिया कि अदालत को लड़की से बात करने के बाद ही कोई फैसला लेना चाहिए।

वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने पीठ से कहा कि यह अंतर-धार्मिक मामला है, इसलिए अदालत को इसमें सावधानी बरतनी चाहिए।

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क्या है मामला?

केरल की रहनी वाली अखिला के पिता केएम अशोकन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि मुस्लिन युवक शफ़िन ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर पहले धर्म परिवर्तन कराया और फिर शादी कर ली।

उन्होंने शफ़िन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो उनकी बेटी पर आईएसआईएस में शामिल होने का दबाव बना रहा है। इसी आधार पर अशोकन ने हाई कोर्ट में इस शादी को तोड़ने के लिए याचिका दाखिल की थी।

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जिसके बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि शादी जीवन का सबसे अहम फैसला है और उसे इसमें अपने माता-पिता की सलाह लेनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि कथित तौर पर हुई शादी बकवास है और कानून की नजर में इसकी कोई अहमियत नहीं है।

हाईकोर्ट ने अशोकन की बेटी अखिला को सुरक्षा देने के लिए कोट्टयम जिला पुलिस को निर्देश दिया था।

अब तक महिला छात्रावास में रह रही अखिला अदालत के आदेश पर अब अपने पिता अशोकन के साथ रह पाएगी। अदालत ने पुलिस को मामले की जांच के भी आदेश दिए थे।

हालांकि अखिला ने कोर्ट के सामने कहा था कि उसने अपनी मर्जी से मुस्लिम धर्म कबूल किया है।

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First Published : 16 Aug 2017, 12:55:57 PM

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