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संजय राउत बोले- शिवसेना न हिंदुत्व भूली है और न भूलेगी, लेकिन...

कोरोना वायरस की महामारी के बीच कई बार महाराष्ट्र में राजनीति गरमा गई है. अब राज्य में एक बार फिर धार्मिक स्थल खोलने को लेकर जुबानी जंग शुरू हो गई है. इस मामले को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है.

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 13 Oct 2020, 04:02:32 PM
sanjay raut

शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली:

Corona Virus की महामारी के बीच कई बार महाराष्ट्र में राजनीति गरमा गई है. अब राज्य में एक बार फिर धार्मिक स्थल खोलने को लेकर जुबानी जंग शुरू हो गई है. इस मामले को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है, जिसके बाद ये विवाद शुरू हो गया है. इस मसले पर शिवसेना के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि शिवसेना न हिंदुत्व भूली है और न ही भूलेगी. गिरगिट की तरह रंग बदलना हिन्दुत्व नहीं होता है.

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शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, शिवसेना का हिंदुत्व प्राण है, आत्मा है और ये हमेशा साथ रहेगा. जिन लोगों ने शिवसेना पर सवाल उठाए हैं उनको आत्मनिर्भर होकर आत्मचिंतन करना चाहिए. जो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में तीन पार्टी की गठबंधन सरकार चल रही है, वह बहुत मजबूत है और नियमों का पूरी तरह पालन करके सरकार चल रही है. 

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा दिए गए बयान पर संजय राउत ने कहा कि मंदिर और बार की तुलना करना गलत है. पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना का खतरा टला नहीं है. अगर देश के प्रधानमंत्री को कोरोना वायरस का यहां खतरा लग रहा है तो महाराष्ट्र के राज्यपाल को इस पर सोचना चाहिए. सीएम उद्धव ठाकरे को जनता के हित में फैसला लेने का पूरा अधिकार है.

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महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी है और महाराष्ट्र में मंदिरों को खोलने की गुजारिश की है. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उद्धव ठाकरे के लिए पत्र में लिखा है कि मेरा आपसे अनुरोध है कि सभी आवश्यक कोविड-19 सावधानियों के साथ सभी पूजा स्थलों को फिर से खोलने की घोषणा करें. हालांकि राज्यपाल के पत्र पर मुख्यमंत्री ठाकरे ने भी जवाब दिया है.

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'आप हिंदुत्व के मजबूत पक्षधर रहे हैं. आपने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद अयोध्या जाकर भगवान राम की भक्ति के लिए सार्वजनिक रूप से निष्ठा जताई थी. आपने पंढरपुर में विट्ठल रुक्मिणी मंदिर का दौरा किया था और आषाढ़ी एकादशी पर पूजा की थी.' पत्र में राज्यपाल ने आगे लिखा, 'क्या आप खुद सेकूलर हो गए है या फिर आपको किसी दैवी शक्ति का साक्षात्कार हो रहा है इस लिए आप मंदिर नहीं खोल रहे है.'

राज्यपाल के इस पत्र का जवाब देने में मुख्यमंत्री ठाकरे ने भी देरी नहीं की है. सीएम ने कुछ ही मिनटों के बाद राज्यपाल के पत्र का जवाब दिया और कहा, 'जैसा कि अचानक से लॉकडाउन को लागू करना सही नहीं था, एक बार में इसे पूरी तरह से रद्द करना भी अच्छी बात नहीं होगी.' इसके साथ ही ठाकरे ने जवाब में लिखा, 'मेरे हिंदुत्व का जिक्र जो आपने किया है, उससे मैं सहमत हूं, लेकिन इसके लिए मुझे आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.'

First Published : 13 Oct 2020, 03:56:58 PM

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