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मनसुख हिरेन केस में सचिन वाझे को तीन अप्रैल तक NIA कस्टडी

Mansukh Hiren Murder Case : मनसुख हिरेन केस में एनआईए ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाझे को कोर्ट में पेश किया है. इस दौरान एनआईए और सचिन वाझे के वकीलों ने कोर्ट में अपनी-अपनी दलील पेश की.

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 25 Mar 2021, 05:02:43 PM
Sachin Waje

मनसुख हिरेन केस में सचिन वाझे को तीन अप्रैल तक NIA कस्टडी (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

Mansukh Hiren Murder Case : मनसुख हिरेन केस में एनआईए ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाझे ( Sachin Waze ) को कोर्ट में पेश किया है. इस दौरान एनआईए और सचिन वाझे के वकीलों ने कोर्ट में अपनी-अपनी दलील पेश की. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने सचिन वाझे की रिमांड बढ़ा दी है. अब सचिन वाझे तीन अप्रैल तक एनआईए की कस्टडी में ही रहेगा. इस दौरान सचिन वाझे के वकील ने कोर्ट में कहा कि मुझे बलि का बकरा बनाया गया है.

वहीं, एनआईए के वकील ने कोर्ट में सचिन वाझे के रिमांड के लिए दलील पेश की. एनआईए ने कोर्ट में कहा कि सचिन वाझे के घर से 62 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. ये करतूस घर में क्यों थे इसका जवाब सचिन वाझे नहीं दे रहे हैं. इसका मकसद छिपा रहा है. इसके अलावा सचिन वाझे को बतौर पुलिस अधिकार 30 जिंदा कारतूस सरकारी कोटे से दिए गए थे, लेकिन इनमें से सिर्फ पांच उनके पास से मिले 25 बुलेट गायब हैं. ये बुलेट्स कहां गए. इसका जवाब सचिन वाझे नहीं दे रहे हैं. 

NIA ने कोर्ट में कहा कि इस मामले ने न सिर्फ मुंबई, महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, क्योंकि इस साजिश को एक पुलिस वाले ने अंजाम दिया है. सचिन वाजे के रिमांड के लिए ग्राउंड्स हैं- सचिन वाजे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. मनसुख हत्या मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के साथ आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करना है. आरोपी सचिन वाझे का ब्लड सैंपल लिया गया है. गाड़ी से रिकवर किए गए फॉरेंसिक एविडंस से मैच करना करना है. डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए पांचों गाड़ियों का सैंपल लिया गया है.

एनआईए ने आगे कहा कि आरोपी ने इस मामले के सीसीटीवी के डीवीआर को गायब किया है. पांच सितारा होटल में रुम बुक करने के लिए 12 लाख रुपए दिए थे. आरोपी का वॉइस सैंपल और वीडियो फुटेज फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है. सचिन वाझे के वकील ने कोर्ट में दलील दी है कि एनआईए साबित करें कि इस केस में UAPA कैसे लग सकता है. जिलेटिन स्टिक्स डेटोनेटर के बिना बम नहीं बन सकता है. सिर्फ जिलेटिन स्टिक्स को हैंडल करना आसान है. यह केस इंडिविज्युल के खिलाफ है न कि पूरे समाज के खिलाफ. 

सचिन वाझे के वकील ने आगे कहा कि UAPA में खतरा पूरे समाज को, देश की एकता को खतरा होना जरूरी है. इस मामले से देश की अखंडता को चोट नहीं पहुंच रही है. आरोपी का इंटेंट क्या था यह भी देखें. UAPA लगाने के बहुत क्लॉज होते हैं.

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First Published : 25 Mar 2021, 04:50:38 PM

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