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उद्धव और राज ठाकरे ने BMC चुनाव एक साथ लड़्ने का किया ऐलान
बीएमसी चुनाव के लिए गुरुवार को मुंबई में वोटिंग हो रही है. बीएमसी चुनावों के बीच एक नया विवाद शुरू हो गया है. विपक्ष का आरोप है कि निकाय चुनावों के दौरान मतदाताओं की उंगलियों पर लगाई जा रही स्याही के निशान मिट रहे हैं. हालांकि, बीएमसी ने साफ कर दिया है कि ये दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं.
विपक्ष ने लगाए ये आरोप
कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), मनसे और आप जैसे विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि कुछ बूथों पर मार्कर पेन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निशान आसानी से मिट जा रहा है, जिससे दोबारा वोट देने की आशंका है. मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्याही सैनिटाइजर से मिट रही है, जिसे लोग बाहर आकर पोंछ रहे हैं और फिर अंदर जाकर दोबारा वोट डाल रहे हैं. उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग पर भी सवाल उठाए. वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत का कहना है कि चुनावों में मार्कर पेन का इस्तेमाल किया जा रहा है.
CM फडणवीस ने किया पलटवार
स्याही विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मैंने भी वोटिंग की है. मेरी उंगलियों पर भी मार्कर का निशाना लगाया जा रहा है. क्या ये मिट जा रहा है. चुनाव आयोग को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए. चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए लेकिन हर बात पर हंगामा करना और सवाल खड़े करना बहुत गलत है.
बीएमसी ने क्या कहा
महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने कहा कि वोटर की उंगली पर लगी स्याही को मिटाने की कोशिश करना और वोटरों के बीच कन्फ्यूजन पैदा करना गलत काम है. अगर कोई व्यक्ति स्याही मिटाकर दोबारा वोट देने आया है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. ऐसा करने वाला व्यक्ति भविष्य में कभी भी वोट नहीं दे पाएगा. बीएमसी ने कहा कि सिर्फ स्याही मिटने से कोई दोबारा वोट नहीं डाल सकता है क्योंकि वोट डाल चुके व्यक्ति का रिकॉर्ड रखा जाता है.
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