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BJP का आरोप- वधावन भाइयों का शरद पवार, राकांपा नेताओं के साथ है करीबी संबंध, इसलिए...

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद किरीट सोमैया (BJP Leader Kirit Somaiya) ने आरोप लगाया कि डीएचएफएल के प्रवर्तकों के राकांपा प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ करीबी संबंध हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 10 Apr 2020, 06:16:11 PM
sharad pawar

एनसीपी नेता शरद पवार (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली :

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद किरीट सोमैया (BJP Leader Kirit Somaiya) ने आरोप लगाया कि डीएचएफएल के प्रवर्तकों के राकांपा प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ करीबी संबंध हैं. उन्होंने लॉकडाउन (Lockdown) जारी रहने के बावजूद डीएचएफएल के प्रवर्तकों कपिल (Kapil Wadhawan) और धीरज वधावन (Dheeraj Wadhawan) को यात्रा की अनुमति देने के मामले में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग की.

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किरीट सोमैया ने कहा कि इस घटना के बाद गृह विभाग में प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता को अनिवार्य अवकाश पर भेजने की सरकार की कार्रवाई महज दिखावा है. लोकसभा के पूर्व सदस्य ने यह भी जानना चाहा कि किसके निर्देशों पर वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपी वधावन भाइयों के साथ वीवीआईपी सुलूक किया गया. बहरहाल, राकांपा ने पार्टी के नेताओं के खिलाफ सोमैया के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि वह गैरजिम्मेदाराना बयानों के लिए विख्यात हैं.

सोमैया ने कहा कि शरद पवार और राकांपा नेताओं की वधावन भाइयों के साथ करीबी जगजाहिर है. अनिल देशमुख को जिम्मेदोरी लेनी चाहिए और इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा कि गुप्ता को अवकाश पर भेजना और कुछ नहीं बल्कि दिखावा है. हमें अनिल देशमुख का इस्तीफा चाहिए. इससे पहले, सुबह में देशमुख ने घोषणा की थी कि वधावन परिवार के सदस्यों को सतारा जिले के लोकप्रिय हिल स्टेशन, महाबलेश्वर की यात्रा की अनुमति देने वाले गुप्ता को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया गया है.

अधिकारी ने वधावन परिवार में आपात स्थिति का हवाला देकर उसके सदस्यों को बंद के नियमों से छूट देने का पत्र जारी किया था. देशमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया. स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वधावन परिवार तथा अन्य ने बुधवार शाम अपनी कार से खंडाला से महाबलेश्वर तक की यात्रा की, जबकि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए प्रभावी बंद के बीच पुणे और सतारा दोनों जिलों को सील किया गया है. कपिल और धीरज वधावन यस बैंक और डीएचएफएल धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं.

वधवान परिवार को यात्रा की इजाजत देने में आईपीएस अधिकारी की भूमिका की जांच होगी

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने शुक्रवार को कहा कि लॉकडाउन (बंद) के बावजूद डीएचएफएल के प्रर्वतकों कपिल और धीरज वधवान को यात्रा की इजाजत देने में प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता की भूमिका की राज्य सरकार जांच करेगी. देशमुख ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज सौनिक यह जांच करेंगे. कपिल और धीरज यस बैंक तथा डीएचएफएल धोखाधड़ी मामलों में आरोपी हैं.

देशमुख ने एक वीडियो बयान में कहा कि कपिल और धीरज वधवान के खिलाफ आईपीसी की धारा 188,269,270,34 और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51(बी) तथा कोविड-19 नियमावली की धारा 11 के तहत कार्रवाई की जाएगी. गृह मंत्री ने भाजपा नेता किरीट सोमैया की भी आलोचना की, जिन्होंने इस घटना को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की है.

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देशमुख ने कहा कि केंद्र सरकार को किसी आईपीएस अधिकारी को बर्खास्त करने की शक्तियां हैं. गुप्ता राज्य के गृह विभाग में विशेष प्रधान सचिव हैं और वह एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं. इससे पहले, दिन में राज्य सरकार ने गुप्ता को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया.

दरअसल, ये खबरें आई थी कि गुप्ता ने वधवान परिवार को मौजूदा लॉकडाउन के दौरान महाबलेश्वर जाने में कथित तौर पर मदद की है. देशमुख ने ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ हुई चर्चा के मुताबिक गुप्ता को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य अवकाश पर भेजा गया है.

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First Published : 10 Apr 2020, 06:11:53 PM