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Mandsaur Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है, इसमें युवक के मुंह पर कालिख पोती हुई है और जूतों की माला पहनाकर उसका जुलूस निकाला जा रहा है. लोगों का कहना है कि इस युवक पर छेड़खानी का आरोप है, इसलिए उसकी ऐसी दशा बनाकर जुलूस निकाला जा रहा है.
वायरल वीडियो मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के भानपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव का बताया जा रहा है. आरोपी एक दलित युवक बताया जा रहा है, जिसका चेहरा काला कर दिया गया. इसके बाद अर्धनग्न हालत में उसके गले में जूतों की माला डालकर घुमाया गया. यह मामला 29 सितंबर का है.
दो आरोपी गिरफ्तार
हालांकि, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसके साथ ही पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
⚠️Trigger Warning : Disturbing Visuals.
— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) October 2, 2024
In #MadhyaPradesh's #Mandsaur district, a #Dalit boy was beaten with a belt, smeared with black paint, and then paraded around the entire village.
This incident occurred three days ago in Mandsaur's #Bhanpura. pic.twitter.com/7lq5hFtLYf
पुलिस अधीक्षक अभिषेक आनंद का कहना है कि यह घटना पिछले सप्ताह की शुरुआत में जिले के भानपुरा थाना क्षेत्र के भैसोदामंडी गांव में घटी थी. वीडियो में एक अर्धनग्न व्यक्ति को दिखाया गया है, जिसका चेहरा काला किया गया है. उसने केवल पतलून पहनी हुई है. उसके गले में जूतों की माला है.
छेड़खानी के आरोप में शिकायत दर्ज
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोगों का एक समूह गांव की गलियों में युवक को चलने के लिए मजबूर कर रहा है. वीडियो में दिख रहे दलित युवके के खिलाफ 29 सितंबर को गांव की एक महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन ग्रामीणों ने उसके साथ इस तरह का कृत्य कर डाला.
एसपी ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर दलित युवक के खिलाफ बीएनएस की धारा 74 (महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला) और 78 (पीछा करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना यह भी है कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान महिला पर हमले के बारे में कुछ भी नहीं बताया था.
वीडियो मंगलवार को वायरल होते ही पुलिस से संपर्क साधा गया. उसके द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर रामेश्वर गुर्जर, बालचंद गुर्जर सहित कुछ ग्रामीणों के खिलाफ बीएनएस और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज हुई है.