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सिंधिया की आमसभा में आये बुजुर्ग किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत

मध्य प्रदेश में भाजपा के स्टार प्रचारक ज्योतिरादित्य सिंधिया की मांधाता विधानसभा सीट उपचुनाव के लिए रविवार को मूंदी में आयोजित आमसभा में 70 वर्षीय एक किसान की कथित रूप से दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.

Updated on: 18 Oct 2020, 10:53 PM

भोपाल:

मध्य प्रदेश में भाजपा के स्टार प्रचारक ज्योतिरादित्य सिंधिया की मांधाता विधानसभा सीट उपचुनाव के लिए रविवार को मूंदी में आयोजित आमसभा में 70 वर्षीय एक किसान की कथित रूप से दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. यह जानकारी एक अधिकारी ने दी है. इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि किसान की मौत के बाद भी भाजपा नेता मंच से भाषण देते रहे और उनका कोई भी नेता उस किसान के सम्मान में मंच से नीचे नहीं उतरा.

मूंदी पुलिस थाना प्रभारी अंतिम पवार ने कहा कि ग्राम चांदपुर निवासी 70 वर्षीय किसान जीवन सिंह मूंदी में रविवार को आयोजित आमसभा में आया था. उसकी तबियत अचानक बिगड़ी और वह कुर्सी पर गिर गया. उन्होंने कहा कि उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पवार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि किसान की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई. वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब किसान ने दम तोड़ा, उस वक्त स्थानीय नेता भाषण दे रहे थे.

उन्होंने बताया कि सिंधिया बाद में मंच पर पहुंचे और उन्होंने किसान की मौत के बारे में जानकारी मिलने पर सभा के दौरान एक मिनट का मौन रखकर जीवन सिंह को श्रद्धांजलि दी. बाद में सिंधिया ने जनसभा को संबोधित भी किया. खंडवा जिले की मांधाता विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार नारायण पटेल के समर्थन में यह जनसभा आयोजित की गई थी.

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने इसे संवेदनहीन व्यवहार बताया और भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘जो नेता कल तक किसानों के लिए सड़क पर उतरने की बात कर रहे थे, वे किसान के पार्थिव शरीर के सम्मान में मंच से भी नीचे नहीं उतर सके. उसकी मौत से विचलित हुए बिना उनके भाषण चलते रहे.

उन्होंने कहा कि अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना भाजपा के मुखौटा चरित्र की ओर संकेत करती है. किसी की मृत्यु, किसी का दुख, किसी की तकलीफ भाजपा और उसके नेताओं के लिए चिंताओं का विषय नहीं है. इसकी जितनी निंदा की जाए कम है.