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लोकसभा चुनाव

ढाई साल में 7 बार टूटी कांग्रेस, जनपद तक में बिखरी पार्टी

मध्यप्रदेश में लाख कोशिशों के बाद भी कांग्रेस नेतृत्व अपने दल को समेट कर नहीं रख पा रहा है. राष्ट्रपति के चुनाव से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष और जनपद पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस सदस्यों ने जमकर क्रॉस वोटिंग की.

Updated on: 30 Jul 2022, 08:02 PM

भोपाल:

मध्यप्रदेश में लाख कोशिशों के बाद भी कांग्रेस नेतृत्व अपने दल को समेट कर नहीं रख पा रहा है. राष्ट्रपति के चुनाव से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष और जनपद पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस सदस्यों ने जमकर क्रॉस वोटिंग की. हालात ये है कि कांग्रेस में पिछले ढाई साल में सात बार टूट हो चुकी है. मार्च 2020 में कांग्रेस के विधायकों के भाजपा में आने के बाद से लगातार कांग्रेस के नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में जा रहे हैं.

भाजपा को मिल रहा है सीधा लाभ
एमपी में कांग्रेस के नेताओं को पार्टी छोड़ने का सीधा लाभ भाजपा को  मिल रहा है. कांग्रेस के लाख दावों के बाद भी राष्ट्रपति चुनाव में प्रदेश के 19 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी. जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के चुनाव में भी भाजपा को जिन जिलों में बहुमत नहीं था, कांग्रेसियों की मदद से भाजपा ने अपने अध्यक्ष बना लिए. इससे साफ है कि प्रदेश में कांग्रेस की टूट खत्म होने का नाम नहीं ले रही है.

और भी बिखराव के हैं आसार
कांग्रेस के लगातार टूटने  का कारण प्रदेश नेतृत्व का सख्त न होना भी माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति के चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वालों को पार्टी ने चिन्हित कर लिया है, लेकिन इनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कारवाई करने की पार्टी हिम्मत नहीं जुटा पा रही है. सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश कांग्रेस में और बिखराव आ सकता है. 

गद्दारों को के खिलाफ दिग्विजय सिंह ने खोला मोर्चा
जिला और जनपद अध्यक्षों के चुनाव में कई वर्षों से कांग्रेस में रहे नेताओं ने अपनी निष्ठाओं को बदलकर भाजपा के प्रत्याशी का साथ दे दिया. भोपाल और जबलपुर सहित अनेक जिलों में कांग्रेस के लिए यह स्थिति बनी. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने यह कहा है कि पंचायत चुनावों में जिसने भी कांग्रेस से गद्दारी की है, उसे जब तक वह जिंदा हैं, पार्टी में नहीं आने देंगे. सिंह ने यह भी कहा कि जो बिकाऊ हैं, वे बिक रहे हैं, जो टिकाऊ हैं, टिके हैं.

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भाजपा को कांग्रेस को बताया डूबता जहाज
कांग्रेस में इस बिखराव का कारण प्रदेश नेतृत्व और कांग्रेस नेताओं के बीच संवादहीनता की स्थिति को भी माना जा रहा है. 
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि कांग्रेस बिखर रही है. कांग्रेस डूबता जहाज है, जिसमें कोई नहीं रहना चाहता. मिश्रा ने कहा कि न नीति है और न ही नेतृत्व. ऐसे में कांग्रेस में कैसे कोई रहेगा.

ऐसे बिखरती रही कांग्रेस
2020 से कई बार टूट चुकी है कांग्रेस
मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों ने पाला बदलकर सरकार गिराई
जुलाई 2020 में 3 विधायकों नारायण पटेल, सुमित्रा कास्डेकर, प्रधुम्न लोधी ने कांग्रेस का साथ छोड़ा
अक्टूबर 2020 में विधायक राहुल लोधी ने छोड़ी कांग्रेस
अक्टूबर 2021 में उपचुनावों के दौरान विधायक सचिन बिड़ला ने थामा भाजपा का दामन
उपचुनावों में सुलोचना रावत ने कांग्रेस छोड़ भाजपा से लड़ा चुनाव
राष्ट्रपति चुनाव में 19 विधायकों की क्रास वोटिंग
जिला और जनपद अध्यक्ष चुनाव में जमकर क्रॉस वोटिंग