News Nation Logo

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, EOW और लोकायुक्त से छीनी शक्तियां

मध्यप्रदेश सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों की जांच करने वाली एजेंसियों की शक्तियां छीन ली हैं. अब ये एजेंसियां संबंधित अधिकारी के विभाग की इजाजत के बिना जांच नहीं कर पाएंगी.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Chaurasia | Updated on: 01 Jan 2021, 03:28:37 PM
shivraj singh chouhan

शिवराज सिंह चौहान (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

मध्यप्रदेश सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों की जांच करने वाली एजेंसियों की शक्तियां छीन ली हैं. अब ये एजेंसियां संबंधित अधिकारी के विभाग की इजाजत के बिना जांच नहीं कर पाएंगी. इससे पहले EOW और लोकायुक्त जैसी एजेंसियां भ्रष्ट अधिकारियों की सीधी जांच करती थीं और उन्हें संबंधित विभाग से किसी खास इजाजत की जरूरत नहीं पड़ती थी.

ये भी पढ़ें- सूबे में कड़ाके की ठंड जारी, दतिया में पारा 2.8 डिग्री सेल्सियस

बता दें कि EOW और लोकायुक्त पहले शिकायत के आधार पर भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सीधी जांच करती थीं. लेकिन मध्य प्रदेश सरकार के नए आदेशों के तहत उनसे ये अधिकार छीन लिए गए हैं. नए आदेशों के तहत EOW और लोकायुक्त जैसी एजेंसियां प्राप्त होने वाली शिकायतों को जांच के लिए भ्रष्ट अधिकारियों के विभाग के पास भेजेगी. जिसके बाद उसका विभाग ही तय करेगा कि मामले की जांच कराई जानी चाहिए या नहीं.

ये भी पढ़ें- कोरोना वायरस के 844 नए मामले, 11 लोगों की मौत

मध्य प्रदेश सरकार के आदेशों के मुताबिक भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1986 की धारा 17 ए के अनुसार भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए एजेंसी संबंधित विभाग को प्रतिवेदन भेजेगी. जिसके बाद विभाग अपने अधिकारी की शिकायतों की समीक्षा करेगा. यदि विभाग को मामला जांच लायक लगा, तब वह जांच एजेंसियों को इसकी अनुमति देगा.

First Published : 01 Jan 2021, 03:28:37 PM

For all the Latest States News, Madhya Pradesh News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.