झरिया मास्टर प्लान पर सख्त रुख, कोयला सचिव बोले— 'यह सिर्फ योजना नहीं, हजारों परिवारों का भविष्य है'

झरिया के अग्नि प्रभावित इलाकों में चल रहे पुनर्वास कार्यों को लेकर केंद्र सरकार अब और भी गंभीर हो गई है. कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने शुक्रवार को बीसीसीएल मुख्यालय, कोयला भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान साफ कहा कि झरिया मास्टर प्लान केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा एक परिवर्तनकारी अभियान है.

झरिया के अग्नि प्रभावित इलाकों में चल रहे पुनर्वास कार्यों को लेकर केंद्र सरकार अब और भी गंभीर हो गई है. कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने शुक्रवार को बीसीसीएल मुख्यालय, कोयला भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान साफ कहा कि झरिया मास्टर प्लान केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा एक परिवर्तनकारी अभियान है.

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Ravi Prashant
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झारखंड न्यूज Photograph: (X)

झरिया के अग्नि प्रभावित इलाकों में चल रहे पुनर्वास कार्यों को लेकर केंद्र सरकार अब और भी गंभीर हो गई है. कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने शुक्रवार को बीसीसीएल मुख्यालय, कोयला भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान साफ कहा कि झरिया मास्टर प्लान केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा एक परिवर्तनकारी अभियान है. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि योजना की मॉनिटरिंग सख्ती से होगी और सभी कार्य समयसीमा में पूरे किए जाएं.

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कई अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में कोल इंडिया के प्रभारी चेयरमैन सनोज कुमार झा, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, उपायुक्त आदित्य रंजन, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव समेत कोयला मंत्रालय और बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने अग्नि प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, आधारभूत सुविधाओं के विकास, सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता और आग नियंत्रण उपायों की डिटेल्स में जानकारी दी. 

कोल सचिव ने क्या कहा? 

कोयला सचिव ने साफ कहा कि पुनर्वास कार्यों को समय पर पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, अधिक पारदर्शिता और पुनर्वासित परिवारों को नागरिक-मित्र सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया. उनके अनुसार, सुरक्षित आवास, शुद्ध पेयजल, सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं और जरूरी सार्वजनिक सुविधाएं प्रदान करने में किसी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी.

बैठक के दौरान उन्होंने मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने, जन-शिकायतों का तेज निपटारा करने और कार्य की गति तेज करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हर पुनर्वासित परिवार सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी जीवन जी सके.

बेलगड़िया को मॉडल टाउन की तरह बनाया जाएगा

समीक्षा बैठक के बाद कोयला सचिव बेलगड़िया टाउनशिप पहुंचे, जहां उन्होंने झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (JRDA) के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया. उन्होंने कॉलोनी में रह रहे स्थानीय लोगों से सीधे बात कर उनकी समस्याओं को सुना और स्कूल में पढ़ रहे बच्चों से भी मुलाकात की. उन्होंने कहा कि बेलगड़िया को एक मॉडल टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि विस्थापित परिवारों के लिए यह एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की शुरुआत बन सके.

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