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सक्षम झारखंड कौशल विकास योजना से युवाओं की प्रतिभा को लग रहे पंख

सक्षम झारखंड कौशल विकास योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण केंद्र में युवक-युवतियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है.

Shravan Pandey | Edited By : Yogesh Bhadauriya | Updated on: 23 Sep 2019, 12:35:36 PM
सक्षम झारखंड कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को मिल रहा लाभ

Ranchi/Palamu:  

सरकार की सक्षम झारखंड कौशल विकास योजना युवाओं के प्रतिभा में पंख लगा रहा है. इस योजना के तहत पलामू जिले के विभन्न स्थानों पर संचालित ‘‘कौशल प्रशिक्षण केंद्र‘‘ में प्रशिक्षण प्राप्त कर युवक-युवतियां अपनी हुनर की बदौलत जीवन में स्वरोजगार व रोजगार के रंग भर रहे हैं. सक्षम झारखंड कौशल विकास योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण केंद्र में युवक-युवतियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है. राज्य प्रायोजित यह योजना उच्च तककनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित है. पलामू जिले में चैनपुर, छतरपुर, हुसैनाबाद, लेस्लीगंज, सगालीम, जमुने तथा हरिहरगंज में इस केंद्र का संचालन हो रहा है. चैनपुर, छतरपुर और हुसैनाबाद स्थित कौशल प्रशिक्षण केंद्र में आवासीय प्रशिक्षण दी जाती है, जबकि अन्य केंद्रों पर गैर आवासीय प्रशिक्षण की व्यवस्था है. इन केंद्रों का संचालन झारखंड सक्षम कौशल विकास द्वारा चयनित टेक्निकल सपोर्ट प्रोवाईडर (टीएसपी) के माध्यम से विभिन्न प्रक्षेत्र के ट्रेड में कौशल विकास पदाधिकारी अरविंद कुमार की देखरेख में किया जा रहा है.

यह केंद्र सुबह 9ः50 बजे से शाम 5ः30 तक संचालित किया जाता है. उक्त कार्यक्रम के तहत सक्षम कौशल विकास विभाग द्वारा हुनर पोर्टल पर बेरोजगार युवक युवतियों द्वारा मनपसंद ट्रेड में ऑनलाइन पंजीयन कराकर चयनित टीएसपी द्वारा संचालित केंद्र में निःशुल्क नामांकन कराकर निर्धारित समय सीमा के भीतर पाठ्यक्रम को पूर्ण किया जाता है. यहां युवाओं को प्रशिक्षण का सुनहरा मौका मिल रहा है. प्रशिक्षण प्राप्त कर युवक-युवती हुनर से रोजगार या स्वरोजगार करने को उत्सुक रहते हैं. युवक-युवतियों को प्रमाण पत्र देने के साथ-साथ प्लेसमेंट भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था है. इस योजना से अधिक से अधिक युवा जुड़ सकें, इसके लिए युवाओं को ऋण प्राप्त करने की सुविधा भी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है.

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चैनपुर स्थित कौशल प्रशिक्षण केंद्र में रिटेल सेल्स एसोसिएट की प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं पलामू के झरिवा निवासी ममता कुमारी और सतबरवा की ज्योति कुमारी ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के बाद रोजगार उपलब्ध भी करवाया जाता है, यह अच्छी पहल है. मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर युवक-युवतियों को काफी फायदा मिल रहा है. नौकरी की उम्मीद लेकर वे सभी यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं. नौकरी नहीं भी मिली तो स्वावलंबन की कहानी गढ़ेंगी. स्वरोजगार करने में भी उन्हें मदद मिलेगी. प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि वर्तमान समय कौशल व हुनर का है. प्रशिक्षण प्राप्त कर अच्छी तरह से जीवन यापन करने योग्य बन पायेंगे. सरकार के इस प्रयास का फायदा यहां के प्रशिक्षणार्थियों को मिल रहा है.

इन विषयों का चलता है प्रशिक्षण :

पलामू जिले के सात कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में डोमेस्टिक डाटा इंट्री ऑपरेटर, रिटेल सेल्स एसोसिएट, फिल्ड टेक्निशियन (होम अपलायंस), कोनसाइनमेंट बुकिंग एसाइनमेंट, फिल्ड इंजीनियर, फिल्ड टेक्निशियन (कंप्यूटिंग एवं पेरिफेरल्स), मोबाइल एंड टेलीविजन रिपयेरिंग, जेनरल ड्यूटी असिस्टेंट, मेडिकल लेबोरेटरी टेक्निशियन तथा होम हेल्थ ऐड की पढ़ाई कराई जा रही है.

प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को देश के विभिन्न स्थानों में मिली है नौकरी :

सक्षम झारखंड कौशल विकास योजना के तहत संचालित कौशल प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण के बाद पलामू जिले के युवाओं को देशभर में रोजगार मिल रही है. युवक-युवतियों देश के विभिन्न कंपनियों में अच्छी पैकेज पर रोजगार मिला है. प्लीप कार्ट, लॉजिस्टिक हैदराबाद, अरविंद मिल्स, रांची, एमेजोन लॉजिस्टिक बैंगलुरू, केकेपी मिल, सलेम जैसी कंपनियों में यहां के प्रशिक्षण प्राप्त युवक-युवतियां रोजगार कर रहे हैं. यहां के कुछ युवक-युवतियों ने अपनी छोटी-बड़ी कंपनी और फॉर्म खोलकर खुद की आमदनी के साथ दूसरे युवाओं को भी रोजगार से जोड़ा है.

युवक-युवतियों को मिल रहा रोजगार :

पलामू जिले में कौशल विकास केंद्रों से युवाओं को रोजगार देने के दर में बढ़ोतरी हुई है. यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा वर्ग को अच्छी कंपनियों में नौकरी मिली है, जहां से वे अपनी जीविकोपार्जन कर पा रहे हैं. यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवक-युवतियों के प्लेसमेंट दर में भी वृद्धि हुई है.

प्लेसमेंट वाले युवाओं को छह माह तक किया जाता है ट्रैक :

कौशल प्रशिक्षण केंद्र की सबसे बड़ी बात यह भी कही जा सकती है कि प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के बाद छह माह तक ट्रैक किया जाता है कि वे नौकरी में बने हुए हैं या छोड़ दिये हैं. अगर छोड़ने की सूचना मिलती है तो उन्हें दूसरे कंपनियों में लगवाने की कोशिश होती है.

प्रशिक्षण के लिए किया जाता है प्रेरित :

प्रशिक्षण के लिए गांव-गांव जाकर युवाओं को जानकारी दी जाती है. कौशल विकास केंद्र व स्वरोजगार से संबंधित जागरूकता फैलाई जाती है. जागरूकता और प्रेरणा से युवा इस केंद्र तक आतें हैं.

प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न उद्योगों में हुआ प्लेसमेंट : उपायुक्त

उपायुक्त डॉ0 शांतनु कुमार अग्रहरि ने कहा कि कौशल विकास केंद्र के माध्यम से प्रशिक्षण देकर युवाओं को हुनरमंद बनाया जा रहा है. युवक-युवतियों को रोजगार से जोड़ते हुए सशक्त करने की कोशिश हो रही है, ताकि देश व राज्य की आर्थिक उन्नति में मदद मिल सके. इस योजना से प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न उद्योगों में रोजगार के साथ प्लेसमेंट हुआ है. साथ ही युवा स्वरोजगार से भी जुड़े हैं. प्रशिक्षण केंद्रों में आवासीय एवं गैर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराया गया है. कौशल विकास केंद्र में युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि प्रशिक्षण में उनकी आर्थिक कमजोरी सामने नहीं आये. आर्थिक रूप से कमजोर युवक-युवतियों के लिए यह केंद्र हुनरमंद बनाने की दिशा में वरदान साबित हो रही है.

First Published : 23 Sep 2019, 10:49:23 AM

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