/newsnation/media/media_files/2026/02/06/ranchi-civil-court-2026-02-06-18-11-27.jpg)
Ranchi Civil Court
Jharkhand Bomb Threat: झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली. यह धमकी सिविल कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजी गई थी. जैसे ही मेल की जानकारी कोर्ट प्रशासन को हुई, तुरंत पुलिस को सूचित किया गया. सूचना मिलते ही रांची पुलिस और जिला प्रशासन हरकत में आ गया.
कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील
धमकी के बाद सिविल कोर्ट परिसर को पूरी तरह पुलिस छावनी में बदल दिया गया. कोर्ट के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया. सुरक्षा को देखते हुए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया. किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी गई.
चलाया गया सघन तलाशी अभियान
पुलिस ने कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर सघन तलाशी अभियान चलाया. कोर्ट की इमारत, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग एरिया और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की गई. एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए आम लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई. वकीलों और कर्मचारियों से सहयोग की अपील की गई ताकि जांच में कोई बाधा न आए.
जांच में सामने आई ये अहम बात
प्रारंभिक जांच में एक अहम बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार, जिस ई-मेल आईडी से रांची सिविल कोर्ट को धमकी मिली है, उसी आईडी से पहले बिहार की कई अदालतों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है. इसके अलावा, हाल के दिनों में दिल्ली एनसीआर की कुछ अदालतों को भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं. इस कारण पुलिस इसे अंतरराज्यीय साजिश मानकर जांच कर रही है.
क्या अफवाह निकली धमकी
बम निरोधक दस्ते के सदस्य गणेश पान के अनुसार कोर्ट परिसर के हर हिस्से को बारीकी से जांचा गया, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. इसी के चलते ये साफ हो गया कि बम विस्फोट की ये धमकी महज एक अफवाह थी और कुछ नहीं.
लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने आम लोगों, वकीलों और कोर्ट में आने वाले सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. साथ ही कहा गया है कि अगर कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है.
यह भी पढ़ें: अफगानिस्तान में बिना फटे बमों की घटनाओं में मारे गए लोगों में 67.5 फीसदी बच्चे शामिल
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us