झारखंड में युवाओं के लिए सुनहरा मौका, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना से 25 लाख तक लोन और 40% सब्सिडी

Jharkhand सरकार की मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत युवाओं को 50 हजार से 25 लाख रुपये तक का लोन 40 प्रतिशत सब्सिडी और 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर दिया जा रहा है. योजना विशेष वर्गों के स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है.

Jharkhand सरकार की मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत युवाओं को 50 हजार से 25 लाख रुपये तक का लोन 40 प्रतिशत सब्सिडी और 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर दिया जा रहा है. योजना विशेष वर्गों के स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है.

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Ravi Prashant
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झारखंड सरकार राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना संचालित कर रही है. इस योजना का मुख्य लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है. सरकार का मानना है कि रोजगार के अवसर बढ़ाने से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और युवाओं का पलायन भी कम होगा.

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किन वर्गों को मिलेगा लाभ

यह योजना विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय और दिव्यांग युवाओं के लिए बनाई गई है. इन वर्गों के ऐसे युवक और युवतियां जो अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. योजना का उद्देश्य सामाजिक समावेशन के साथ आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है.

लोन की राशि और सब्सिडी की व्यवस्था

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत लाभुकों को 50 हजार रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है. 50 हजार रुपये तक के लोन पर 40 प्रतिशत यानी अधिकतम 20 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलती है और इसमें लाभार्थी को कोई मार्जिन मनी नहीं देनी होती है.

वहीं 50 हजार एक रुपये से 25 लाख रुपये तक के लोन पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये तय की गई है. इस श्रेणी में लाभार्थी को कुल परियोजना लागत का 10 प्रतिशत मार्जिन मनी के रूप में स्वयं लगाना होगा. यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि लाभार्थी भी परियोजना में भागीदारी निभाए.

ब्याज दर और पुनर्भुगतान

इस योजना की एक बड़ी विशेषता यह है कि लोन पर केवल 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लिया जाता है. यह दर बाजार की सामान्य ब्याज दरों की तुलना में काफी कम है. कम ब्याज दर से युवाओं पर वित्तीय बोझ कम पड़ता है और वे अपने व्यवसाय को स्थिर रूप से आगे बढ़ा सकते हैं.

पात्रता और आवश्यक दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए. परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. साथ ही आवेदक का राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है.

दस्तावेजों में आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी आवश्यक है. सही और पूर्ण दस्तावेज जमा करने पर आवेदन प्रक्रिया सरल और तेज हो जाती है.

गारंटी से जुड़ी शर्तें

50 हजार रुपये तक के लोन के लिए किसी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं है. इससे छोटे उद्यम शुरू करने वाले युवाओं को बड़ी राहत मिलती है. 50 हजार रुपये से अधिक के लोन के लिए सरकारी या निजी कर्मचारी अथवा आयकर दाता की गारंटी या संपत्ति के कागजात देने होंगे. यदि कोई आवेदक वाहन खरीदने के लिए लोन लेना चाहता है, तो वाहन के कागजात ही बैंक के पास गारंटी के रूप में रखे जाएंगे. इसके लिए अलग से अतिरिक्त गारंटी देने की आवश्यकता नहीं होगी.

किन कार्यों के लिए नहीं मिलेगी सहायता

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यों, जैसे पतली प्लास्टिक के उत्पादन या व्यापार, तथा नशीले पदार्थों जैसे शराब, हड़िया और ताड़ी के कारोबार के लिए इस योजना के तहत लोन नहीं दिया जाएगा. इससे योजना को सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से जिम्मेदार बनाया गया है. कुल मिलाकर मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना राज्य के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है. कम ब्याज, पर्याप्त सब्सिडी और सरल शर्तें इसे स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक युवाओं के लिए एक प्रभावी अवसर बनाती हैं.

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