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झारखंड सरकार ने राज्य की सहिया बहनों के लिए बड़ी घोषणा की है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने विधानसभा में बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को सभी सहिया बहनों के खाते में एकमुश्त 24-24 हजार रुपये भेजे जाएंगे. बता दें कि राज्य में लगभग 42 हजार सहिया बहनें कार्यरत हैं, जो ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत कड़ी मानी जाती हैं.
इरफान अंसारी ने सहिया बहनों को लेकर दी ये जानकारी
सदन में चर्चा के दौरान मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सहियाओं को अब तक उनके काम के आधार पर प्रोत्साहन राशि दी जाती रही है. टीकाकरण अभियान, फाइलेरिया उन्मूलन, मलेरिया नियंत्रण और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका होती है. नेशनल हेल्थ मिशन के तहत ये कार्यकर्ता ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन और जागरूकता फैलाने का काम करती हैं.
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झारखंड में आशा कार्यकर्ताओं को ही सहिया कहा जाता है. सरकार उन्हें हर महीने 2,000 रुपये मानदेय देती थी. लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग को देखते हुए सरकार ने हाल ही में मानदेय को 4,000 रुपये (निश्चित भाग) करने का फैसला लिया है. साथ ही अगले वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल 2026 से इसे बढ़ाकर 5,500 रुपये करने का प्रस्ताव भी रखा गया है.
सहिया बहनों के खाते में एकमुश्त भेजे जाएंगे 24 हजार रुपये
महिला दिवस पर 24 हजार रुपये की एकमुश्त राशि दरअसल साल भर के मानदेय के रूप में दी जाएगी. इससे सहिया बहनों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि सहिया बहनें लगातार यह मांग कर रही हैं कि उन्हें केवल इंसेंटिव के आधार पर नहीं, बल्कि निश्चित वेतन दिया जाए और राज्य कर्मचारी का दर्जा भी मिले. यह घोषणा ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
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