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चुनाव से पहले बाबूलाल मरांडी की पार्टी का BJP में विलय होता तो झारखंड विधानसभा की तस्‍वीर कुछ और होती

पिछले साल के अंत में हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बुरी तरह शिकस्‍त झेलनी पड़ी थी, जबकि झारखंड मुक्‍ति मोर्चा के नेतृत्‍व में विपक्ष सत्‍ता पर काबिज हो गया था.

By : Sunil Mishra | Updated on: 17 Feb 2020, 12:03:53 PM
चुनाव से पहले मरांडी की पार्टी का BJP में विलय होता तो...

चुनाव से पहले मरांडी की पार्टी का BJP में विलय होता तो... (Photo Credit: File Photo)

नई दिल्‍ली:

झारखंड के पहले सीएम और झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी आज अपनी पार्टी का विलय भारतीय जनता पार्टी में करने जा रहे हैं. इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और कई अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहेंगे. भाजपा इस मौके को बड़े जलसे में तब्‍दील कर भुनाना चाहती है और इसलिए मरांडी की वापसी के लिए भव्य समारोह का आयोजन करने जा रही है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले अगर भाजपा यह कवायद करती तो चुनावी तस्‍वीर कुछ और होती.

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पिछले साल के अंत में हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बुरी तरह शिकस्‍त झेलनी पड़ी थी, जबकि झारखंड मुक्‍ति मोर्चा के नेतृत्‍व में विपक्ष सत्‍ता पर काबिज हो गया था. बीजेपी उस चुनाव में अकेले उतरी थी. चुनाव से पहले आजसू के सुदेश महतो ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया था और झारखंड विकास मोर्चा से भी बात नहीं बन पाई थी. चुनाव परिणाम आने के बाद बीजेपी और झारखंड विकास मोर्चा की ओर से विलय की पहल शुरू हुई थी.

झारखंड विधानसभा चुनाव की बात करें तो करीब 15 फीसदी अधिक वोट पाने वाली बीजेपी सत्ता नहीं बचा पाई, जबकि झारखंड मुक्‍ति मोर्चा कम वोट पाकर भी भाजपा से 5 सीटें अधिक जीत लीं. जानकार बताते हैं कि झारखंड विकास मोर्चा और सुदेश महतो की पार्टी आजसू से गठबंधन होता तो चुनाव की तस्‍वीर बदल जाती. दूसरी ओर विपक्ष ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा और बाजी फतह कर ली.

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2014 के चुनाव में जहां बीजेपी को 31% वोट मिले थे, वहीं इस चुनाव में बीजेपी को 33.37% वोट हासिल हुए. हालांकि, लोकसभा चुनाव 2019 के वोट शेयर से तुलना की जाए तो बीजेपी को घाटा ही हुआ है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 51 फीसदी वोट हासिल हुए थे. पिछले विधानसभा चुनाव में जेवीएम को 5.45% और आजसू को 8.10% वोट हासिल हुए थे. इन वोटों को बीजेपी को मिले मतों से जोड़ दिया जाए तो कुल 47% वोट हो रहे हैं. जाहिर है चुनाव में एक साथ लड़ने पर ये मत सीटों में भी तब्‍दील होते और बीजेपी को सत्‍ता से बाहर होने का खामियाजा नहीं भुगतना पड़ता.

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2019 के चुनाव में वोट शेयर
भाजपा- 33.37%
कांग्रेस- 13.88%
जेएमएम- 18.72%
जेवीएम-5.45%
राजद- 2.75%
जदयू- 0.73%
बसपा- 1.53%
सीपीआईएम- 0.32%
आजसू- 8.10%
सीपीआई- 0.4%
एआईएमआईएम- 1.16%
जेडीएस- 0.01%

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2014 के चुनाव में वोट शेयर
भाजपा- 31.26%
कांग्रेस- 10.46%
जेएमएम- 20.43%
जेवीएम- 9.99%
राजद- 3.13%
जदयू- 0.73%
बसपा- 1.82%
सीपीआईएम- 0.50%
आजसू- 3.68%
सीपीआई- 0.89%

2019 के चुनाव परिणाम:
भाजपा- 25
जेएमएम-30
कांग्रेस-16
राजद-1
जेवीएम-3
आजसू-2
अन्य-4

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2014 के चुनाव परिणाम
बीजेपी-37
जेएमएम-19
जेवीएम-8
कांग्रेस-6
आजसू-5
अन्य-6

First Published : 17 Feb 2020, 09:06:12 AM

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