कुल्लू से मनाली में जमकर बर्फबारी, जगह-जगह लगे जाम, यात्री पैदल चलने पर मजबूर

मनाली और कुल्लू घाटी में भारी बर्फबारी ने पर्यटन कारोबार बूम ला दिया है. मगर सैलानियों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. यहां पर रास्ते जाम हो चुके हैं. लोगों को बिजली-पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है.

मनाली और कुल्लू घाटी में भारी बर्फबारी ने पर्यटन कारोबार बूम ला दिया है. मगर सैलानियों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. यहां पर रास्ते जाम हो चुके हैं. लोगों को बिजली-पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है.

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Mohit Saxena
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हिमाचल प्रदेश के मनाली और कुल्लू जिले में भारी बर्फबारी के साथ बारिश जारी है. ऐसे यहां पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है. कुल्लू जिले में 582 बिजली ट्रांसफार्मर और 81 पेयजल योजनाएं ठप होने के कारण बुनियादी सुविधाओं पर संकट के बादल छाए हुए हैं. राष्ट्रीय राजमार्ग-3 पर जमी बर्फ के कारण वाहनों की लंबी कतार दिखाई दीं. इस दौरान पर्यटक 5 घंटे में महज 300 मीटर की  दूरी तय कर पा रहे हैं. सड़कें बंद होने के कारण पर्यटकों को 10 से 15 किलोमीटर तक का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है. 

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80 से 90 फीसदी तक की बुकिंग

भारी बर्फबारी के बाद भी मनाली के होटल में 80 से 90 फीसदी तक की बुकिंग है. कई जगह 31 जनवरी तक ओवरबुकिंग के हालात हैं. हालांकि,शून्य से 10 डिग्री नीचे के तापमान और सुविधाओं की कमी के कारण पर्यटकों के उत्साह में कमी कर दी है.

15 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे

सैलानियों के लिए मनाली तक की राह परेशानी भरी होने वाली है. पर्यटकों के मुबातिक यहां पर जाम के ऐसे हालात बने है कि लोग 5 घंटे में मात्र 300 मीटर ही आगे निकल पाए. वहीं कुछ पर्यटकों पूरी रात बस में बितानी पड़ी. वे 15 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे. पर्यटकों ने अन्य लोगों को अभी मनाली न आने की सलाह दी है. इसकी वजह है कि बर्फबारी होने पर हालात बिगड़ सकते हैं. 

582 ट्रांसफार्मर बंद

आपको बता दें कि कुल्लू घाटी में बिजली और पानी की काफी ​किल्लत है. 582 ट्रांसफार्मर बंद होने के कारण कई इलाके अंधेरे में डूबे हुए हैं. पर्यटकों का कहना है कि भीषण ठंड के कारण बिजली न  होना सबसे बड़ी परेशानी है. उनका कहना है कि पर्यटकों से लिए जाने वाले शुल्क के बदले प्रशासन  को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए. हालांकि, सड़कों को पूरी तरह साफ करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी परीक्षा है, भारी बर्फ ने कनेक्टिविटी को बिगाड़ दिया. 

Himachal Pradesh
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