logo-image

Nuh Gangrapes: सीबीआई कोर्ट ने दोहरे हत्याकांड में चार दोषियों को सुनाई मौत की सजा, 2016 का है मामला

Nuh Gangrapes: हरियाणा के पंचकूला में विशेष सीबीआई अदालत ने नूंह गैंगरेप मामले में चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई है. कोर्ट ने पिछले महीने की 10 तारीख को चारों को हत्या, लूटपाट और गैंगरेप का दोषी ठहराया था.

Updated on: 04 May 2024, 11:26 PM

नई दिल्ली:

Nuh Gangrapes: हरियाणा के नूंह गैंगरेप मामले में सीबीआई कोर्ट ने चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई है. ये मामला साल 2016 का है. अधिकारियों ने पुष्टि सजा की पुष्टि करते हुए कहा कि हरियाणा के पंचकुला में एक विशेष सीबीआई अदालत ने शनिवार को 2016 के नूंह सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में सभी चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई है. इस मामले में चार दोषियों - हेमंत चौहान, अयान चौहान, विनय और जय भगवान को अदालत ने 10 अप्रैल को दोहरे हत्याकांड, सामूहिक बलात्कार और डकैती के मामले में दोषी पाया. गैंगरेप और हत्याकांड 24 -25 अगस्त 2016 की रात हरियाणा के नूंह में हुआ था.

ये भी पढ़ें: Air India: एयर इंडिया ने कम की फ्री बैगेज की लिमिट, ज्यादा सामान लेकर सफर करना होगा महंगा

8.20 लाख का लगाया जुर्माना

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 4 मई को एक बयान में कहा, मौत की सजा के अलावा, सीबीआई अदालत ने आरोपी पर 8.20 लाख का जुर्माना भी लगाया. मामले के दोषियों को एक नाबालिग समेत दो महिलाओं से उनके घर पर सामूहिक बलात्कार करने और उसके बाद उनके पास से गहने और नकदी लूटने का दोषी पाया गया था. हमले में एक पीड़ित और उसकी पत्नी की मौत हो गई थी. जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

भीड़ ने किया था पीड़ित परिवार पर हमला

यह घटना तब हुई जब एक भीड़ पीड़ितों के परिवार पर गोमांस बेचने का आरोप लगाते हुए उनके घर में घुस गई थी. आरोपियों ने पहले दंपति को उनके घर के आंगन में काट-काट कर मार डाला. उसके बाद 16 और 21 साल की उम्र की दो चचेरी बहनों के साथ गैंगरेप किया. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और हरियाणा में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया. हरियाणा पुलिस ने अलग-अलग आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. राज्य सरकार के निर्देश पर सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की थी.

ये भी पढ़ें: J-K: पुंछ में वायुसेना के काफिले पर आतंकी हमला, एक जवान शहीद, एक की हालत गंभीर

ट्रायल कोर्ट ने 10 अप्रैल माना था दोषी

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने शनिवार को कहा, 10 अप्रैल 2024 को ट्रायल कोर्ट ने चार आरोपियों को आईपीसी की धारा 120बी, 302, 307, 376-डी, 323, 459, 460 और पोस्को अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत दोषी ठहराया था. उसके बाद सज़ा सुनाने के लिए तारीख दी थी. दोषियों के लिए अधिकतम सजा की प्रार्थना करते हुए सीबीआई की ओर से विस्तृत दलीलें पेश की गईं. एजेंसी ने विस्तृत जांच के बाद 24 जनवरी, 2018 और 29 जनवरी, 2019 को दोषी आरोपियों के खिलाफ दो आरोप पत्र दायर किए थे, जिसके दौरान वैज्ञानिक और फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र और विश्लेषण किए गए थे.

ये भी पढ़ें: RCB vs GT Highlight : कोहली और फाफ की शानदार पारी, बेंगलुरु ने गुजरात को 4 विकेट से हराया, प्लेऑफ की उम्मीदें रखी जिंदा