देश में बना पहला कुत्तों को समर्पित शमशान घाट, सम्मान के साथ विदा होंगे जानवर, जानें खासियत

Faridabad News: फरीदाबाद में देश का पहला कुत्तों का श्मशान घाट तैयार किया गया है. बूढ़ेना गांव में बने इस केंद्र से लावारिस और पालतू कुत्तों के शवों के वैज्ञानिक व मानवीय निपटान की व्यवस्था होगी. चलिए आपको इसकी खासियत के बारे में बताते हैं.

Faridabad News: फरीदाबाद में देश का पहला कुत्तों का श्मशान घाट तैयार किया गया है. बूढ़ेना गांव में बने इस केंद्र से लावारिस और पालतू कुत्तों के शवों के वैज्ञानिक व मानवीय निपटान की व्यवस्था होगी. चलिए आपको इसकी खासियत के बारे में बताते हैं.

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Akansha Thakur
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India's First Green Crematorium

India's First Green Crematorium

Faridabad News: फरीदाबाद ने इंसानियत और जिम्मेदारी का नया उदाहरण पेश किया है. यह हरियाणा का पहला शहर बन गया है जहां आवारा कुत्तों के लिए खास ग्रीन श्मशान बनाया गया है. अब मृत जानवरों को सड़कों या कूड़े के ढेर पर नहीं छोड़ा जाएगा. उन्हें सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी. इस प्रक्रिया में गोबर के उपलों का उपयोग किया जाता है, जिससे पर्यावरण पर कम असर पड़ता है. चलिए हम आपको इस आर्टिकल में इसकी खासियत के बारे में बताते हैं. 

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किसने शुरू की यह पहल?

यह श्मशान पशु कल्याण से जुड़ी संस्था AAPSI ने तैयार किया है. इसके लिए जमीन फरीदाबाद नगर निगम (FMC) ने दी है. यह केंद्र सिर्फ आवारा और छोड़े गए कुत्तों के लिए बनाया गया है. इससे लंबे समय से चली आ रही मृत पशुओं के निपटान की समस्या को हल किया जाएगा. नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना सामाजिक संगठनों के सहयोग से आगे बढ़ी. नगर निगम ने जगह उपलब्ध कराई. NGOs ने निर्माण और संचालन में मदद की. इससे एक व्यवस्थित और सम्मानजनक प्रणाली तैयार हुई.

स्वच्छता और स्वास्थ्य को होगा फायदा

नगर निगम का कहना है कि इस व्यवस्था से शहर में बदबू और गंदगी कम होगी. सड़कों पर पड़े शवों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा भी घटेगा. पशु प्रेमियों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी राहत मिलेगी.

उपलों से किया जाता है दाह संस्कार

AAPSI के मुताबिक, यह देश का पहला ऐसा श्मशान है जहां आवारा कुत्तों का अंतिम संस्कार गोबर के उपलों से किया जाता है. इससे धुएं और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है. नगर निगम इस मॉडल को धीरे-धीरे पूरे शहर और राज्य के दूसरे इलाकों में लागू करना चाहता है. ताकि हर जगह से मृत कुत्तों को लाकर यहां सही तरीके से अंतिम संस्कार किया जा सके.

क्या है खासियत? 

AAPSI के प्रतिनिधि विनीत खट्टर ने बताया कि यह ग्रीन श्मशान 80 किलो तक वजन वाले जानवरों जैसे भेड़, बकरी, बंदर या कुत्तो का अंतिम संस्कार कर सकता है. इसमें पालतू और आवारा दोनों तरह के कुत्ते शामिल हैं. इसकी सबसे खास बात ये है कि यहां दाह-संस्कार गोबर के उपलों से किया जाता है इसलिए इसे Green Crematorium कहा गया है. 

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