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लोकसभा चुनाव

हरियाणा में सियासी उठापटक! JJP के दो विधायकों से मिले CM सैनी और खट्टर, अब आगे क्या होगा?

Haryana Political Crisis: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों का ऐलान हो गया है. हरियाणा में बीजेपी ने 5 सीटे जीती हैं. पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में ये आंकड़ा 10 सीटों का था. वहीं दूसरी ओर विधानसभा में भी भाजपा की स्थिति कुछ ठीक नहीं है.

Updated on: 06 Jun 2024, 11:31 AM

नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों का ऐलान हो गया है. हरियाणा में बीजेपी ने 5 सीटे जीती हैं. पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में ये आंकड़ा 10 सीटों का था. वहीं दूसरी ओर विधानसभा में भी भाजपा की स्थिति कुछ ठीक नहीं है. तीन निर्दलीय विधायकों ने हाल ही में भाजपा सरकार का दामन त्याग दिया था, जिससे भगवा पार्टी की सरकार की संख्या बल में गिरावट आई और सरकार अल्पमत की स्थिति में पहुंच गई. हालांकि खबर है कि, इस सियासी संकट से पार पाने के लिए भाजपा, जननायक जनता पार्टी (JJP) के कुछ विधायकों को साधने में जुटी है.

हरियाणा में इसी साल अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं.

इसी सिलसिले में हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी और सीएम मनोहर खट्टर ने JJP के दो विधायकों जोगीराम सिहाग और रामनिवास सुरजाखेड़ा से चंडीगढ़ में मुलाकात की है. मालूम हो कि, ये दोनों विधायक दुष्यतं चौटाला की पार्टी जेजेपी के असंतुष्ट गुट विधायक हैं.

राज्य की सियासत का गुणा-भाग बिगाड़ रहे निर्दलीय विधायक

इस दास्तान-ए-सियासत का आगाज होता है, जेजेपी मुखिया दुष्यंत चौटाला की एक बैठक से, जब वह प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार से अलग होने के बाद दिल्ली में अपने 10 विधायकों की बैठक बुलाते हैं, हालांकि इनमें पहुंचते केवल पांच ही है- नैना चौटाला, दुष्यंत चौटाला, रामकरण काला, अनूप धानक और अमरजीत धांडा, जिसके बाद अन्य विधायकों- राम कुमार गौतम, जोगी राम सिहाग, ईश्वर सिंह, देवेंद्र सिंह बबली और राम निवास सुरजाखेड़ा पर सरकार के साथ मिल जाने का आरोप मढ़ दिया जाता है. 

इसके कुछ समय बाद, लोकसभा चुनाव के दौरान पूंडरी से निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन, चरखी दादरी से निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान और नीलोखेड़ी से निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदल हरियाणा की बीजेपी सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान कर देते हैं.

इसके बाद तीनों निर्दलीय विधायक रोहतक पहुंचते हैं पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा से मुलाकात करते हैं और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर देते हैं. 

हरियाणा सरकार की गणित

मालूम हो कि, हरियाणा की मौजूदा विधानसभा में कुल 88 सदस्य हैं. बहुमत के लिए सरकार को 45 का आंकड़ा चाहिए, लेकिन मौजूदा समर्थित विधायकों की संख्या 43 है. इनमें एक HLP और दो निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं. यानी बीजेपी की सरकार को बहुमत के लिए दो विधायकों की कमी है. हालांकि, भगवा पार्टी का दावा है कि, सरकार पर कोई संकट नहीं है.